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अब Google के AR और Daydream मंचों पर Chrome से करें इंटरनेट ब्राउज़िंग

अपनी I/O 2017 डेवलपर कॉन्फ़्रेंस में गूगल ने मध्य स्टेज लेते हुए, AR और VR में अपनी बढ़ंत की जानकारी दी। इसी के चलते, गूगल ने अपने VR मंच Daydream Euphrates के लिये एक बहुत बड़ी अपडेट की घोषणा करी है, जिसके बाद, मंच में Chrome की सेवा भी जुड़ जायेगी।

इस मोबाइल केंद्रित वर्चुअल वास्तविकता मंच के दूसरे संस्करण में कंपनी ने पिछले वर्ष लांच हुए मंच से बहुत परिपक्वता लायी है। Daydream 2.0, गूगल के नवीनतम ऑपरेटिंग सिस्टम Android O के इर्द-गिर्द बनाया गया है इसमें उपभोक्ता इंटरफ़ेस और शेयरिंग क्षमताओं पर बहुत ज़ोर दिया गया है। Android की ये अपडेट जल्द ही आयोगी।

परंतु इसमें सारा ध्यान Chrome ने आकर्षित कर लिया है, जिसे गूगल के वर्चुअल वास्तविकता मंच पर चलाने के लिये ऑप्टिमाइज़ किया गया है। आप Daydream के नियंत्रकों का उपयोग कर के अपनी पसंदीदा वेबसाइट को ब्राउज़ कर सकते हैं। उन्होंने आपको इसी का अनुभव देने के लिये WebVR नाम का एक एक्स्क्लूज़िव मंच लाया है।

क्योंकि हम Chrome के साथ पहले से ही परिचित हैं, तो VR पर ये केवल उसी का एक संस्करण होगा। इसी लिये, आपके सभी बुकमार्क और सेव किये गये पेज Daydream पर भी भेज दिये जायेंगे, जिससे आप इसे ऑगमेंट करी गयी वास्तविकता में अनुभव कर सकें। Chromium का एक प्रयोगात्मक AR API संस्करण भी आ रहा है।

WebVR से अपरिचित लोगों को बता दें कि ये वेब को वर्चुअल वास्तविकता में अनुभव करना संभव बनाने के लिये Mozilla इंजीनियरों ने प्रयोगात्मक JavaScript API से विकसित किया था। मतलब ये कि आप अपने हेडसेट से वेब के पेजों को अनुभव कर सकते हैं। ये तकनीक अभी भी शुरवाती मंच पर है, परंतु Occulus और Samsung भी अपने VR ईकोसिस्टम के लिये ब्राउज़र विकसित कर रहे हैं।

जैसा कि हमने पहले भी आपका बताया है, गूगल अपने मंचों पर वर्चुअल और ऑगमेंट करी गयी वास्तविकता विकसित करने पर केंद्रित नहीं हैं। ये अपने कृत्रिम बुद्धी और वॉइस इंटरैक्शन की पहुंच बढ़ाने कि ओर केंद्रित हैं। यही कारण है कि कंपनी ने अपना Daydream पिछले वर्ष ही लांच किया और ये इनके AR/VR मंच की नींव बनेगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन