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Apple ने अधिकारिक रूप से शुरू किया भारत में iPhone SE का निर्माण

महीनों की अफवाहों के बाद आखिरकार Apple ने भारत में अपने iPhone के निर्माण की प्रक्रिया का आगाज़ कर दिया है | Wall Street Journal के अनुसार, Apple Inc. द्वारा यह पुष्टि प्राप्त हुई है कि देश में निर्माण प्रक्रिया संबंधी पहला परीक्षण आधिकारिक तौर पर पूरा कर लिया गया है |

हालाँकि कंपनी को स्थानीय रूप से 30 प्रतिशत तक के स्रोत मुहैया करवाने वाली असेंबली लाइन अब कार्यात्मक है लेकिन iPhone SE की कीमत और उपलब्धता के बारे मिएँ अभी तक कोई सुचना प्राप्त नहीं की जा सकी है | यह डिवाइस संयुक्त राज्य अमेरिका में $399 की कीमत के साथ उपलब्ध है, जिसको भारतीय ई-टेलर और ऑफ़लाइन खुदरा विक्रेताओं द्वारा डिस्काउंट के चलते लगभग $320 में बेचा जा रहा है | डिवाइस को ताइवानी कंपनी, Wistron द्वारा बनाया जा रहा है और उम्मीद के अनुसार डिवाइस इस महीने से शिपिंग के लिए उपलब्ध हो जायेगी |

सरकार को उम्मीद है कि Apple भारतीय जनता के लिए इसे सस्ती कीमतों पर मुहैया करवाएगी, जिससे कीमतों में करीब 100 डॉलर तक की कमी देखी जा सकेगी | चूंकि, कंपनी का प्राथमिक उद्देश्य iPhone बिक्री की बेजान दर में सुधार का है, इसलिए उम्मीद्तन कंपनी यह डिवाइस सस्ती दरों पर मुहैया करवा सकती है |

लेकिन,Apple ने iPhone पर अपना लाभ मार्जिन छोड़ने के विचार को ठुकरा दिया है और अब बाजार में मंदी की भरपाई करने के लिए उपकरणों द्वारा पैसा बनाने की शुरूआत के लिए कदम आगे बढाया है |

हम सभी जानते हैं कि Apple एक प्रीमियम स्मार्टफोन ब्रांड है और यह लोगों के बीच स्थापित भी हो चुका है | लेकिन अब कई चीनी निर्माताओं और उनके फीचर्ड लोडेड स्मार्टफोन के आगमन से बाजार में उथल-पुथल देखी जा रही है | Xiaomi, Vivo, और LeEco ने अन्य ब्रांडों के बजाय अपनी बिक्री दरों में इजाफ़ा किया है और साथ ही देश के तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन बाजार में काफ़ी अच्छी स्थिति हासिल कर रहें हैं |

वर्तमान में, IDC की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी निर्माता Xiaomi सबसे खास है, लेकिन संयुक्त रूप से इनकी बाजार में 50 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी देखी जा रही है | वहीं Samsung की बाज़ार हिस्सेदारी 38 फीसदी की है, जबकि Apple का शेयर भारत में 2 फीसदी से भी कम है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन