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विभिन्न भारतीय मंत्रालयों के तहत अधिकारियों और राज्य फर्म को बिजली के वाहनों का उपयोग शुरू करने के निर्देश

भारतीय केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि बिजली, कोयला, अक्षय ऊर्जा और खान मंत्रालयों के तहत आने वाले अधिकारी और राज्य फर्म अब बिजली के वाहनों का उपयोग शुरू करेंगे | इस कदम का लक्ष्य पूरे देश में बिजली के वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना है |

सरकार पहले से ही इस प्रक्रिया को गति प्रदान कर चुकी है, और जल्द ही दिल्ली में स्थित अपने मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए इन वाहनों की थोक आपूर्ति संबंधी निविदाएं आमंत्रित की जायेंगी |

दिल्ली में विभिन्न विभागों के कार्यालयों के लिए लगभग 1,200 बिजली वाहनों की निविदाएं पहली बार इतनी बड़ी मात्र में विद्युत वाहनों के बाज़ार बढ़ावा देती नज़र आएगी |

श्री गोयल ने यह भी कहा कि सरकार ने पहले ही ठोस कदम उठाए हैं और हम ई-वाहनों के लिए तेजी से चार्जिंग स्टेशन बनाने पर काम कर रहें हैं | उन्होंने यह भी कहा कि जहां तक ​​बसों का संबंध है, सरकार एक ऐसी प्रणाली को तैनात करने की योजना बना रही थी जिसमें एक इस्तेमाल की हुई बैटरी को चार्ज बैटरी के साथ बदल दिया जाया करेगा |

सरकार निविदाओं के लिए भी दिशानिर्देश तैयार कर रही है, जो बैटरी के बिना बिजली शहर की बसों की खरीद की मांग करेगी |

एनटीपीसी, पावर ग्रिड कॉर्प और कोल इंडिया जैसे सार्वजनिक उद्यम भी पार्किंग स्थल पर चार्ज स्टेशन लगाएंगे | सरकार को उम्मीद है कि इससे वाहनों की संख्या में अनुमति वृद्धि होगी और लागत में भी कमी आएगी |

यह कार्यक्रम पारंपरिक वाहनों की तुलना में ई-वाहनों को सस्ता करेगा और लोग स्वतः विद्युत वाहनों की तरफ रुझान करेंगे |

सरकार पहले से ही ई-वाहन निर्माण के लिए सीमित करों की पेशकश करने की योजना बना रही है | इस बीच, सरकारी अधिकारियों के लिए ई-वाहनों का उपयोग करने सम्बन्धी निर्देश, इस दिशा में एक सकारात्मक और शानदार पहल के रूप में देखा जा सकता है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन