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80 प्रतिशत छूट पर FreeCharge हासिल करने के समझौते पर Paytm ने किये हस्ताक्षर: रिपोर्ट

मूल कंपनी Snapdeal में बढ़ते दबाव के कारण, यह दो डिजिटल वॉलेट कंपनियाँ, जो कभी एक दूसरे की प्रतिद्वंदी थीं, अब हाथ मिलाते नज़र आयेंगी | इसके बारे में जागरूक स्रोतों का हवाला देते हुए, ET  की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि Paytm ने ई-कॉमर्स बाजार, Snapdeal से कैश डील के अंतर्गत अपने प्रतिद्वंद्वी भुगतान प्रमुख FreeCharge का अधिग्रहण करने के लिए एक अनन्य अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं |

इस लेन-देन के मूल्य की अफवाह अपेक्षाकृत कीमत से कम मानी जा रही है | इससे पहले, कुछ रिपोर्टों के अनुसार Snapdeal के स्वामित्व वाले डिजिटल वॉलेट प्लेटफॉर्म, FreeCharge की मजबूती के लिए SoftBank $150 मिलियन के निवेश के आसार तलाश रहा है |

लेकिन इससे जुड़े सूत्रों का कहना है कि कंपनी के मुल्यानाकं में 80 फीसदी की कमी आई है, जबकि हम आपको बता दें कि Snapdeal ने इसे $450 मिलियन के मूल्य में हासिल किया था | यदि यह सौदा पूरा हुआ तो FreeCharge $45 से $90 मिलियन के बीच Paytm को बेचा जाएगा |

वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार, SoftBank के बोर्ड ने Snapdeal और FreeCharge दोनों की बिक्री संबंधी पहल शुरू कर दी है | FreeCharge की गड़बड़ी स्थिति को जोड़ते हुए स्रोतों में से एक का कहना है,

“ FreeCharge की डील 45 मिलियन डॉलर के करीब हो सकती है ”

इस बीच हम आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि हम Snapdeal के स्वामित्व वाली FreeCharge की संभावित बिक्री की बातों के बारे में सुन रहे हैं | इससे पहले यह मोबाइल भुगतान पोर्टल PayPal जैसे वैश्विक भुगतान कंपनियों के साथ भी चर्चा में रहा, लेकिन ये वार्ताएं पूरी नहीं हुईं | कंपनी लंबे समय से एक फंडिंग दौर के लिए निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाई है और Snapdeal की मूल कंपनी Jasper Infotech इसको बचाए रखने के लिए इसमें धन का निवेश कर रही है |

हाल ही में, Snapdeal के लिए भी अपने इस पेमेंट मंच के लिए  खरीदार तलाशना आवश्यक हो गया है | दरसल, यह न केवल घाटे में बढ़ोतरी कर रहा है बल्कि मंच प्रबंधन पलायन की समस्याओं से ही जूझ रहा है | करीब दो हफ्ते पहले सीईओ गोविंद राजन ने मंच से दूरी बना ली थी | हालाँकि उनकी जगह Snapdeal में हाल ही में शामिल हुए पूर्व Housing.com के सीईओ, जेसन कोठारी ने संभाली है | अब उन्हें FreeCharge के सीईओ और Snapdeal के मुख्य रणनीतिकार के रूप में नियुक्त किया गया है |

हालाँकि ऐसे में जब Paytm-FreeCharge अपने विलय के और भी नजदीक आ गयें हैं ऐसे में SoftBank Flipkart के साथ Snapdeal के विलय को लेकर और अधिक चिंतित नज़र आ रहा है |

हालांकि Snapdeal की बिक्री की खबर निश्चित रूप से नई है, लेकिन यह बिल्कुल आश्चर्यजनक नहीं है | कंपनी अभी तक के अपने सबसे कठिन समय से गुजर रही है | हालत यह है कि इसने एक शहर में अपने कार्यालय की जगह को एक सह-कार्यस्थल में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है | कंपनी ने हाल ही में 600 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला भी है और साथ ही कम से कम विपणन खर्च करने की कोशिश भी कीं हैं |

इसके लिए SoftBank ने वार्ता शुरू की है, जिसे SoftBank के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है | Flipkart द्वारा साथ Snapdeal के कारोबार को कम मूल्यांकन से हासिल किया जा सकता है | यह कहा जा रहा है कि यह लेनदेन लगभग $950 मिलियन तक का हो सकता है | इसमें SoftBank भी Tiger Global से Flipkart के कुछ शेयर हासिल करने की कोशिश करेगा |

 

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन