खबर

वैज्ञानिक चूहों में HIV दूर करने में हुए सफ़ल

मनुष्यों में HIV दूर करने कि ओर एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए, वैज्ञानिकों को चूहों में CRISPR तकनीक की सहायता से HIV इंफ़ेक्शन दूर करने में सफलता प्राप्त हुई है। ये एक बहुत ही बड़ी उपलब्धी है, जिसका प्रयोग भविष्य में ये बीमारी पूरी तरह दूर करने के लिये किया जा सकता है।

इस समय मरीज़ों को रेट्रोवाइरल विरोधी दवाएं देखर उनका इलाज किया जाता है। ये दवा न केवल बहुत ही हानिकारक है, बल्कि इसके बहुत से अनचाहे प्रभाव भी पड़ते हैं। और तो और, HIV वाइरस के, मनुष्य के जिनोम में घर कर जाने के कारण, इस दवा के उपयोग के बाद भी, कई बार HIV वाइरस और भी बुरी तरह से वापस आ जाता है।

परंतु CRISPR/Cas9 तकनीक उपयोग करने से, मात्र प्रभावित जीन को केंद्रित किया जाता है और उसे हटा दिया जाता है।

इसका मतलब ये कि आप केवल प्रभावित DNA को ही केंद्रित कर के हटा दे रहे हैं। ये महत्वपूर्ण क्यों है? दरसल, ये जड़ से समस्या को दूर कर, वाइरस की और प्रितियां बनने से रोकेगा।

मुद्दे पर बात करते हुए शोध के सह लेखक डॉ खलीली ने कहा:

इसका अगला चरण होगा प्राइमेटों में ये परीक्षण करना, एक ऐसा प्राइमेट मॉडल, जहां सच में HIV इन्फ़ेक्शन से बीमारियां होती हैं, जिससे कि ये पता लगाया जा सके कि क्या टी-कोशिकाओं और दिमाग समेत अन्य कोशिकाओं में घर कर गये HIV-1 DNA को जड़ से निकाला जा सकेगा या नहीं।

वैज्ञानिकों ने पहले ही इसे चूहों के साथ परीक्षित कर के इसमें सफलता प्राप्त करी है। स्तनधारी प्राणी होने के कारण, चूहे मनुष्यों से विकास में थोड़े ही नीचे हैं। तो चुहों के साथ सफल होने वाली तकनीक मनुष्यों को साथ भी सफल रहे इसकी पूरी संभावना है। अब देखते हैं कि आगे क्या होगा।

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन