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AMD, पूरे भारत में बाहुबली 2 पर केंद्रित VR करेगी लांच

कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? ये प्रश्न एक पूरी पीढ़ी को सता रहा है। परंतु बाहुबली 2 को न केवल इस उत्तर के लिये, परंतु फ़िल्म को बनाने में लगी तकनीक के लिये भी बहुत प्रचार मिल रहा है। इस फ़िल्म को पहली ‘ट्रिल्यन पिक्सल फ़िल्म’ की उपाधी मिल रही है, और इसने इस समय की सबसे प्रसिद्ध तकनीक कंपनियों के ध्यान भी आकर्षित किये हैं, जिनमें AMD का नाम भी सामने आया है।

‘द स्वॉर्ड ऑफ़ बाहुबली’ (बाहुबली की तल्वार) नाम का एक वर्चुअल वास्तविकता अनुभव इस सप्ताह ट्राइबेका फ़िल्म फ़ेस्टिवल, न्यू यॉर्क में आगमन कर रहा है। ये फ़िल्म 28 अप्रैल को रिलीज़ हो रही है और इसके लिये सभी का उत्साह चरम पर है। इस फ़िल्म के प्रचार के लिये एक बिलकुल नये तरीके का, अपने जैसा पहला VR अनुभव AMD के साथ साझे में लाया जा रहा है। कंपनी इससे तब जुड़ी थी जब राजा कौदुरी भारत आये थे। आपको बता दें कि राजा कौदुरी AMD के Radeon Technologies Group के वरिष्ठ वाइस प्रेज़िडेंट और प्रमुख आर्किटेक्ट हैं।

बाहुबली 2 के ग्राफ़िक, कार्यस्टेशनों पर तैयार किये गये थे, जो कि AMD के Radeon ग्राफ़िक चिपों से लैस थे। AMD ने ऐसा कंटेंट भी तैयार किया, जो कि हाई एंड VR पर रियल समय पर चले।

AMD और Amazon ने फ़िल्म की निर्माता कंपनी Arka Media Works के साथ भी साझा किया है, जिससे कि वे HTC Vive हेडसेट पर ये VR अनुभव ला सकें। कंपनियां ये हेडसेट देश भर के सिनेमाघरों में स्थापित कर रही हैं, जहां खेलने वालों को बाहुबली को उनकी तल्वार ढूंढ़ने में सहायता करनी होगी (और इसी लिये ये नाम), जिससे कि वे अपनी दिनचर्या का पालन कर सकें। इसमें फ़ैन घुड़सवारी, हाथी से लड़ने से लेकर कयी कमाल के कार्य कर सकेंगे।

बहरहाल, ये देखना बहुत ही रोचक है कि भारतीय सिनेमा इंडस्ट्री भी अब ऐसी तकनीक का उपयोग कर रही है, जिसपर अभी तक हॉलिवुड का ही हक माना जाता था। AMD जैसी कंपनियां इसमें इतनी रुची लो रही हैं, ये तो कमाल है ही, परंतु इतनी प्रचलित फ़िल्म के माध्यम से VR की प्रसिद्धी बढ़ाने का विचार भी कुछ कम नहीं।

बहरहाल आप इसका मनमोहक ट्रेलर देख कर काम चलाइये, जब तक कि फ़िल्म रिलीज़ नहीं हो जाती है:

https://youtu.be/qD-6d8Wo3do

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन