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‘ग़बनकर्ताओं की संख्या में वृद्धि’ के चलते SBI अब ‘Ola ड्राइवरों’ को नहीं देगा ऋण

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ ने घोषणा की है कि ग़बनकर्ताओं की संख्या में वृद्धि के चलते, बैंक अब Ola ड्राइवरों को वाहन संबंधी ऋण प्रदान नहीं करेगा | इसकी बजाए बैंक अब बकाया वसूल पर जोर देगा |

सामान्यतः Tata Indica, Toyota Etios या Maruti Suzuki Swift Dzire जैसी कारों से सबंधित इन ऋणों का औसत आकार 4 लाख से 5 लाख रुपये तक होता है | कुछ मामलों में, डिफाल्टर ड्राईवरों का पता ही नहीं लग पा रहा है कि वे कहाँ हैं, जबकि अन्य में ड्राइवर बैंक को बकाया अदा किए बिना आज भी कारों को चला रहें हैं |

इस कदम के पीछे प्रमुख तर्क यह है कि बेंगलुरु में इसकी ऋण पुस्तिका का लगभग पांचवां हिस्सा डिफाल्टरों से भरा है | इसलिए एक एहतियाती कदम के रूप में, बैंक शहर में Ola के लिए कार चलाने वाले ड्राईवरों को वाहनों के लिए ऋण देना को बंद कर रहा है | यह ओला के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि कंपनी के लिए दक्षिणी महानगर देश के सबसे बड़े बाजार में से एक है |

मुंबई के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में छोटे और मध्यम उद्यम विभाग के मुख्य महाप्रबंधक, गोपाल कृष्ण कंसल ने कहा कि इसमें ₹60 करोड़ की कुल डिफ़ॉल्ट राशि है | साथ ही उन्होंने बताया कि बैंक ने बेंगलुरु में ऋण का वितरण बंद कर दिया है, लेकिन वे हैदराबाद और चेन्नई में Ola वाहनों को अभी भी ऋण वितरित कर रहें हैं | उन दो शहरों में डिफ़ॉल्ट दर लगभग 7 प्रतिशत है |

दूसरी ओर, SBI ने कहा कि यह भारत में Uber के लिए करीब 1,300 व्यावसायिक कार ऋणों को पारित किया गया है, जिसमें बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर 35 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है | इन खातों में 1% से डिफाल्टर हैं |

बैंकरों का विश्वास है कि यह हालत Uber और Ola द्वारा प्रोत्साहनों पर कटौती के रूप में ड्राइवरों की आय में तेजी से गिरावट के बाद आए हैं | इसने चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद को सबसे अधिक प्रभावित किया है क्योंकि यहाँ प्लेटफार्मों पर चालक पंजीकरण की सबसे बड़ी संख्या निहित है |

Ola और Uber शुरुआती दिनों में ड्राइवरों को प्रोत्साहन दे रही थीं, जिससे वह हर महीनें आसानी से 70,000 रुपये से 1 लाख रुपये के बीच तक कमाई कर लेते थे | लेकिन अब चालकों की कमाई लगभग 40,000-50,000 रूपये के औसत से भी नीचे आ गई है |

इसका मुख्य कारण यह है कि कंपनियाँ अब अपने अर्थशास्त्र में सुधार के लिए, परिचालन दरों को कम करने की कोशिश कर रहीं हैं | पिछले साल Association of Radio Taxis ने कहा था कि Ola और Uber सामूहिक रूप से हर महीने 500-600 करोड़ रुपये का परिचालन घाटा उठा रही हैं |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन