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भारत सरकार ने ‘सीमा शुल्क संरचना’ में किया संशोधन, अंतर्राष्ट्रीय खरीद को लग सकता है झटका

यदि आप अंतर्राष्ट्रीय खरीदारी में अधिक भागीदारी करतें हैं, तो आपको यह जानकर निराशा होगी कि आपकी ई-कॉमर्स खरीद और अधिक महंगी होने जा रही है | AliExpress या eBay पर सस्ते आइटम खरीदने के दिनों में जल्द ही बदलाव आने वाला है क्योंकि भारत ने 1975 में पेश किए गए ‘सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम’ में कुछ संशोधन कियें हैं |

केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क बोर्ड के अनुसार, नए संशोधन में विदेशी देशों से निजी वस्तुओं के आयात पर लागू सीमा शुल्क की शुल्क दर को अपडेट किया गया है, यह लगभग 42 प्रतिशत (41.492% अधिक विशिष्ट) तक पहुंच गई है | करों की दर ₹2,000 से अधिक की व्यक्तिगत खरीद पर लागू होती है, अगर खरीदी गई वस्तुओं की कीमत ₹2,000 से कम हो जाती है, तो आपको 14.7 प्रतिशत सीमा शुल्क का भुगतान ही रकना होगा |

Credit: Factor Daily

औसत भारतीय भीड़ या थोक विक्रेताओं के लिए इसका क्या मतलब है? तो जनाब! कस्टम ड्यूटी में वृद्धि निश्चित रूप आपको कई आयामों में प्रभावित करने वाली है | इससे आपकी क्रय शक्ति पर भारत के बाहर आधारित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जैसे कि चीन के AliExpress, जो देश के आबादी की सस्ती जरूरतों को पूरा करता है | अन्य वेबसाइटों पर आपकी खरीद, जैसे Amazon India या किसी अन्य ऑनलाइन स्टोर के तहत वैश्विक स्टोर चलाने वाली कंपनियाँ भी इस परिवर्तन से प्रभावित होंगी |

हाल के दिनों में, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, घर की सजावट की वस्तुओं, कपड़ों, आभूषणों, बैग और जूते जैसे अन्य सामानों की खरीद पर ध्यान देने वालों के लिए यह प्लेटफ़ॉर्म एक प्रमुख गंतव्य बन गए हैं |

लेकिन, अब ऐसा लगता है कि आपको ई-कॉमर्स वेबसाइटों जैसे कि Flipkart और Amazon पर वापस ध्यान देना पड़ सकता है | आपके पास अन्य विकल्प भी हैं, जैसे कि OLX या Quikr, जो आपको इस्तेमाल की गई वस्तुओं को लेने व बदलने संबंधी विकल्प प्रदान करतें हैं |

इस बीच आप अपनी खरीदारी को सीमित करने के विकल्प के रूप में ₹2,000 के तहत अपने कस्टम ड्यूटी को कम से कम करने की दिशा में काम कर सकते हैं |

पाठकों के लिए मैं बताना चाहूँगा कि, अद्यतित सीमा शुल्क की संरचना अब किताबों पर भी लागू होती है | पुस्तकों को सीमा शुल्क कर्तव्यों से छूट मिली थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है | अब आपको अपने पसंदीदा विदेशी लेखकों की नवीनतम पुस्तकों का ऑर्डर देने पर अतिरिक्त खर्च करना होगा |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन