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Uber को चाहिये और भी इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी, लांच किया पेटेंट खरीद संबंधी प्रोग्राम

Uber अपने पेटेंटों के संग्रह को बढ़ाना चाहती है| कंपनी ने इसी उद्देश्य की पूर्ती के लिये पेटेंट खरीदने का कार्यक्रम लांच किया है| Intellectual Property के मालिक अपने पेटेंटों का दाम लगा सकते हैं| ऐसा करने के बाद, ये Uber पर निर्भर करता है कि वे ये पेटेंट खरीदते हैं या नहीं| इससे न केवल कंपनी को अपनी जयरूर के पेटेंट खरीदने में सहायता मिलेगी, परंतु इयके लिये उन्हें अनेको आवेदन भी मिलेंगे|

Uber ने पेटेंट आवेदनों की समयवधी बतायी है और ये 24 अप्रैल, 2017 से लेकर 23 मई, 2017 तक जारी रहेगा| ये प्रकरण करीब 4 महीनों तक चलेगा और आम तौर पर जितना समय पेटेंट अधिग्रहित करने में लगता है, ये उससे बहुत जल्द ख़त्म हो जायेगा|

मुद्दे पर TechCrunch से बात करते हुए Uber के पेटेंट ट्रांज़ैक्शन प्रमुख कर्ट ब्राश ने बताया:

ये एक खरीद कार्यक्रम है, जो कि दोहरे पेटेंट बाज़ार में आने वाले घर्षण से बचाता है| आम तौर पर दोहरे पेटेंट बाज़ार चुनौतीपूर्ण होता है और खरीददार और बेचने वाले, दोनों के लिये सही वैल्युएशन जान पाना मुश्किल होता है| बेचने वाले बहुत ऊपर का दाम लगाते हैं और खरीदने वाले बहुत नीची बोली, और पेटेंट खरीद पाने में ही उन्हें वर्षों लग जाते हैं, महीनों की जगह| ये कार्यक्रम उस प्रक्रिया को आसान बनाता है| बेचना वालों को एक बोली मिलती है, बिना किसी चर्चा के और इससे ये प्रक्रिया बहुत तेज़ हो जाती है| 

इस प्रक्रिया से न खरीदने वाले और न ही बेचने वाले को कोई अधिक लाभ मिलता है| कई IP मालिक तो इसमें सिर्फ़ इसलिये हिस्सा लेंगे कि उन्हें अपनी महनत का जल्द से जल्द फल मिल जाये| Uber दरसल इससे बहुत ही सामान्य सी मनुष्य की सोच का साभ उठा रही है| हमें पता होता है कि अगर हम प्रतीक्षा करें तो हमें उसी चीज़ का बड़ा दाम मिल जायेगा, परंतु तुरंत में आ रहे पैसों का विचार, हमारे नियंत्रण को कमज़र कर देता है|

और तो और, Uber को अगर कोई पेटेंट पसंद आया तो वे उसके मालिक से सीधी चर्चा भी कर सकती है| तो हां, इस कार्यक्रम ने Uber को बहुत लाभकारी स्थान पर रखा है| कंपनी पहले ही अपनी इंजीनियरों की टीम के प्रयासों के ज़रिये अपनी IP बढ़ाने का प्रयास कर रही है| इस प्रक्रिया से, कंपनी अपने ख़ज़ाने को खाली कर ये प्रक्रिया और तेज़ कर सकेगी|

पेटेंट बहुत काम आते हैं और संभव है कि कंपनी स्वचालन से संबंधित कोई पेटेंट खरीद ले| और तो और, ये भी संभव है कि ये रेवेन्यू बढ़ाने के लिये पेटेंट दूसरी कंपनियों को लाइसेंस पर भी दें|

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन