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Nokia भारत को ‘5G नेटवर्क’ से लैस करने के लिए Airtel और BSNL के साथ कर रहा है भागीदारी

भारत में 4G सेवाओं को अपनाने  की दर काफ़ी लुभावनी रही, जिसके लिए हमें कहीं न कहीं Jio का शुक्रिया अदा करना ही चाहिए | और अब इसी के चलते कंपनियाँ स्पष्ट रूप से 5G नेटवर्क के संभावित लॉन्च को लेकर काफ़ी उत्साहित नज़र आने लगी हैं और आज की यह ख़बर इस बात की पुष्टि करती है |

भारत में 5G नेटवर्क की शुरुआत के लिए Nokia ने Airtel और BSNL जैसी प्रमुख भारतीय दूरसंचार कंपनियों के साथ एक करार किया है | Nokia द्वारा हस्ताक्षरित इस समझौते के पीछे एक और उद्देश्य, Airtel और BSNL द्वारा प्रदान की गई जानकारी के साथ-साथ, वर्तमान बाधाओं में बेहतर प्रदर्शन करके कुशल तैनाती के लिए व्यापक समाधान विकसित करना भी है |

प्रस्तावित योजनाओं का ब्यौरा देते हुए, BSNL के अध्यक्ष अनुपम श्रीवास्तव ने (ET के माध्यम से) कहा,

“ 4G के बाद, भविष्य 5G और IoT का है, जो कि स्मार्ट सिटी जैसी अवधारणा के लिए काफ़ी उपयोगी है, Nokia के साथ यह समझौता BSNL को मौजूदा नेटवर्क से भविष्य के 5G नेटवर्क तक के लिए ढांचा तैयार करने में मदद करेगा ”

अपने इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए, Nokia जल्द ही भारत में 5G की आवश्यकताओं को समझने के लिए बेंगलुरु में एक अनुभव केन्द्र स्थापित करेगा | MWC 2017 में कंपनी के बयान के साथ, Nokia द्वारा वर्णित योजनाओं में 5G नेटवर्क के विकास की योजना भी शामिल थी |

Ericsson जैसे अन्य नेटवर्क उपकरण निर्माता भी भारत में 5G उद्योग को विकसित करने में रुचि दिखा रहें हैं | कुछ हफ़्ते पहले, कंपनी ने आईआईटी-दिल्ली के साथ सहयोग की घोषणा की है, और देश में ‘भारत के लिए 5 जी’ कार्यक्रम पेश किया है |  Nokia के समान, Ercisson आईआईटी – दिल्ली में 5G परीक्षण उपकरणों से लैस उत्कृष्टता और ऊष्मायन केंद्र स्थापित करेगा | स्थापना के बाद, संस्थान में छात्र Ericsson सलाहकारों के सहयोग से देश में 5G नेटवर्क के विकास संबंधी शोध करने में सक्षम होंगे |

Ericsson या Nokia की तुलना में Intel और ZTE जैसी कंपनियां भी इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहीं हैं, जहाँ ZTE ने न सिर्फ MWC में एक तैयार, 5G डिवाइस, ‘जीगाबिट फोन’ का अनावरण किया था, बल्कि कंपनी ने Intel की भागीदारी के साथ, पहले 5G आईटी बेसबैंड यूनिट को भी पेश किया है |

हालाँकि अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये कंपनियां 5G युद्ध में एक-दूसरे के खिलाफ कैसे लड़ाई करती हैं, जिसका सीधा गवाह भारत ही होगा | देश के पास एक बड़े उपयोगकर्ता आधार के अलावा, यह विश्व स्तर पर कुछ बड़ी दूरसंचार कंपनियों और उच्च स्पेक्ट्रम की उपलब्धता भी है | वहीं कई रिपोर्टों ने दावा किया है कि भारत 2022 तक 5G नेटवर्क के इस्तेमाल को लेकर सक्षम बन सकेगा |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन