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Mahindra ने बनाया, आगामी 2-3 वर्षों में क़रीब 1 लाख ‘इलेक्ट्रिक वाहनों’ को बेचने का लक्ष्य

Mahindra & Mahindra Ltd ने इस वर्ष के लिए एक नया लक्ष्य निर्धारित किया है | सामान्य ईंधन पर बढ़ती निर्भरता और देश के आयात बिलों पर इसका असर होने के चलते, अब कंपनी का लक्ष्य है कि वह अगले 2-3 वर्षों में 1,00,000 से अधिक विद्युत वाहनों की इकाईयों को बेच सके | साथ ही कंपनी वर्तमान में ही अगले साल से बिक्री शुरू करने के प्रयासों पर जोर दे रही है |

इन विद्युत यात्री वाहनों में बसों, ट्रकों, कार्गो सहित अन्य वाहनों को शामिल किया गया है | Reva Electric Car Company के अपने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिवीजन की मदद से कंपनी इन इलेक्ट्रोनिक वाहनों की श्रृंखला का आगाज़ करेगी | कंपनी का प्रमुख वाहन, REVAi इलेक्ट्रिक कार, दुनिया भर में 4,000 से अधिक विभिन्न संस्करणों के साथ 26 देशों में उपलब्ध है |

Bloomberg के साथ वार्ता में, Mahindra Reva Electric Vehicles Ltd के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), महेश बाबू ने कहा,

“ भारत में जन-गतिशीलता परिवहन समाधान की भारी मांग है, क्योंकि परिवहन मंत्रालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सड़कों पर स्वच्छ ऊर्जा वाले वाहन चलाने के लिए उत्सुक हैं, मुख्य चुनौती बुनियादी ढांचा मजबूत करने से संबंधित है क्योंकि इसमें कोई नीति नहीं है ”

इसके अलावा, SsangYong Motor Company भी Mahindra के साथ मिलकर एक इलेक्ट्रिक वाहन पर काम कर रही है, जो चीन सहित बड़े उभरते हुए इलेक्ट्रिक कार बाजारों को लक्षित कर सकता है | हम आपको बता दें कि SsangYong Motor Company चौथी सबसे बड़ी दक्षिण कोरिया आधारित ऑटोमोबाइल निर्माता है, और Mahindra & Mahindra Ltd की सहायक कंपनी भी है |

इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में प्रगति के अलावा, कंपनी सेल्फ़-ड्राइविंग की दिशा में भी अपना योगदान दे रही है | जिसके चलते, कई संस्थानों जैसे आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी कानपुर और आईआईटी बॉम्बे जैसे कई छात्र Mahindra के Rise Prize के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं | Rise Prize दो टीमों को दो प्रोजेक्ट्स, सोलर चैलेंज और ड्रायवरलेस कार चैलेंज के चलते पुरस्कार राशि में $ 1 मिलियन का इनाम पाने का मौका देता है |

भारतीय सड़कों से निपटने के लिए आदर्श तकनीक के मसले पर, यह छात्र विभिन्न संस्थानों में पहले से ही परीक्षण कर चुके हैं | Mahindra Group की ड्राइवरहीन कार चैलेंज में ऐसी टीमों को ही शॉर्टलिस्ट किया जाएगा जो एक ऐसे ड्राइवरहीन कार बना सकें जो सभ्य पश्चिमी सड़कों के साथ ही भारतीय ट्रैफिक के वर्तमान परिदृश्यों में भी खरी उतरें |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन