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भारत के झंडे वाले पायदान के लिये भारत ने निजी रूप से Amazon को सिखाया सबक

Reuters ने रिपोर्ट किया कि Amazon पर उपलब्ध एक पायदान, जो कि भारत के झंडे जैसा दिखता है, की स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कड़ी निंदा करी है, पबलिक में व निजी रूप से।

जनवरी में विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया था कि अगर कनाडा में उनके मंच से भारत के झंडे जैसा दिखने वाला पायदान नहीं हटाया गया तो सरकार Amazon के सभी कर्मचारियों का वीज़ा वापस ले लेगी।

परंतु Reuters ने कहा कि भारतीय सरकार ने इस बात को एक कदम आगे लेजाते हुए US व कनाडा स्थित एंबसियों को Amazon के उच्च पदाधिकारियों से निजी रूप से इसी संबंध में ‘कड़े शब्दों’ में चर्चा करने के लिये कहा।

इस दस्तावेज़ में ये भी बताया गया कि ये मुद्दा कंपनी के सी.ई. ओ. जेफ़ बेज़ोस के सामने भी प्रकट किया गया था और इसी के चलते उन्होंने एक “वैश्विक ऑटिट” निकासी जिसके अनुसार दुनिया भर में उनकी कोई भी वेबसाइट ऐसे प्रोडक्टों को लिस्ट नहीं कर सकती है।

Amazon ने 24 घंटों के अंदर ये प्रोडक्ट अपनी वेबसाइट से हटा लिया और सरकार से माफ़ी भी मांगी। परंतु कंपनी ने इसके बारे में कोई भी बयान देने से मना कर दिया है।

Amazon इस समय भारत में किसी से भी द्वेश न रखने का प्रयास कर रही है, क्योंकि यहां पैर जमाने में उन्हें अभी भी परेशानी हो रही है और उन्हें Flipkart और Snapdeal जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से प्रतिद्वंद झेलना पड़ रहा है। Amazon ने स्थानीय कंपनियों से प्रतिद्वंद करने और विश्व की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी बनने के लिये यहां के ऑपरेशनों में $5 बिलियन का निवेश करने का भी निर्णय लिया है।

इस वाक्ये के बाद भारत और Amazon ने जो कदम उठाये हैं उसको हाइलीट करते हुए दस्तावेज़ में लिखा था कि Amazon ने भारतीय नियम बनाये हैं जिसके अनुसार यहां के राष्ट्रीय ध्वज और अन्य एंब्लमों के उपयोग को “वैश्विक कंप्लायंस के महत्वपूर्ण हिस्से” के रूप में होगा।

सरकार को तसल्ली देने और अपनी छवी सुधारने के लिये Amazon ने घोषणा करी कि वे इन-हैउजय कंप्लायंस कमेटियां स्थापित कर रहे हैं, जो कि तीसरी पैर्टे के वेंडरों से आ रहे प्रोडक्टों को रिव्यू करेंगे।

कागज़ात में लिखा था:

Amazon भारत ने कहा है कि वे भारतीय नियमों को इज़्ज़त देने के लिये तत्पर हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन