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Facebook ने नए ‘टूल’ और ‘डोनेट बटन’ के साथ धनराशि जुटाने में दर्ज़ की तेज़ी

Facebook एक बहुत ही अच्छा समाज है। जिन दोस्तों और पिपजनों से हम कभी ब़ही बात करते थे, आज हमें पता होता है कि उनके जीवन में चल क्या रहा है। अब कंपनी प्रयास कर रही है कि लोग जिस बारे में सोचते हैं और जिन चीज़ों की चिंता करते हैं, उनके लिये वे और भी कर सकें।

तो Facebook ने आज अपने पहले से उपलब्ध चंदा जुटाने के टूल को और भी बहतर किया है। अब आप और हम जैसे आम लोग भी अनेक ज़रूरतों के लिये चंदा जुटाने सकते हैं। इसका उद्देश्य कुछ भी हो सकता है – कॉलेज का खर्च, निजी परेशानी या फिर कुछ भी। इसके साथ ही, उपभोक्ता अपनी लाइव विडियो ब्रॉडकास्ट पर भी डोनेट का बटन डाल सकते हैं।

लोगों को अपना ज़रूरत के लिये पैसे जुटाने में सहायता करने का Facebook का ये पहला प्रा़ास नहीं है। 2015 में कंपनी एक फ़ीचर लांच किया था, जिसके ज़रिये उपभोक्ता एक किकस्टार्टर तरीके से निवेश जुटाने सकते थे। बाद में उन्होंने इसे और विस्तृत कर दिया था, जिससे कि उपभोक्ता संस्थानों के नाम पर भी चंदा एकट्ठा कर सकें। अब, ये इसे सभी के लिये विस्तृत कर रहे हैं।

देखिये ऐसे कैंपेनों की बात ये है कि ये सोशल रूप से बहुत प्रचलित होते हैं। लोग दूसरों की सहायता करने के लिये कितना आगे आते हैं, इससे सोशल इंगेजमेंट भी बढ़ता है। और ये, सोशल नेट्वर्किंग मंच के लिये बिलकुल सही है।


कोई धोखाधड़ी करने का प्रयास न करे, इसके लिये ये इसका रिव्यू भी करते रहेंगे। क्योंकि रिव्यू का तरीका अभी भी मैनुअल है, Facebook ने इसे छः श्रेणियां तक ही सीमित रखा है। इनमें शिक्षा, बीमारी, पबलिक क्राइसिस या प्राकृतिक आपदा, निजी परेशानियां जैसे कि घर में आग लगना, चोरी या मृत्यू और रहने का किराये शामिल है। कंपनी का कहना है कि जैसे-जैसे वे रिव्यू करने के तरीके को स्वचलित बनायेंगे, वैसे-वैसे वे इसमें और भी श्रेणियां जोड़ेंगे।

निजी फ़ंडरेज़र 18 या उससे ऊपर की उम्र के US के नागरिकों के लिये ही उपलब्ध हैं। हमें उम्मीद है कि कंपनी इसे जल्द ही दुनिया भर के लिये लागू कर देगी। इससे लोगों को Facebook पर पैसे खर्च करने में हिचकिचैहट कम होगी, क्योंकि इसमें अभी भी संभावना है और ये बहुत तेज़ी ये बढ़ सकता है।

अंततः, Facebook उपभोक्ताओं को लाइव विडियो के दौरान और उसके खतम होने के और संस्थान के पेज पर सेव होने के बाद भी उसपर चंदा जुटाने की सुविधा देती है। इसके लिये ये अभी GoFundMe और Kickstarter जैसे मंचों से प्रतिद्वंद कर रहे हैं। अब इसमें निर्णा़क भाग होगा कि Facebook की पहुंच कतनी विशाल है और उसके बाद भी क्या लोग अपनी अच्छाई प्रकट करने के लिये किसी सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं या नहीं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन