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SIM कार्ड ख़रीदने के लिए अब “आधार” होगा अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट

भारत सरकार अपने नागरिकों को किसी भी धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के लिए हर डोमेन के भीतर ‘आधार सत्यापन’ को शामिल करना चाहती है | सरकार ने हाल ही में डिजिटल वॉलेट स्टार्टअप के लिए केवाईसी अनिवार्य रूप से बनाने के साथ ही, आधार भुगतान मंच को बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्य किया है | चूंकि 12 अंकों की आधार संख्या किसी व्यक्ति के बारे में सभी आवश्यक जानकारी प्रदान कर देती है, इसलिए यह अधिकारियों को सजग रखने और ग्राहकों की शिकायतों को हल करने में मदद करेगा |

इसी प्रयासों के चलते, भारत में सुप्रीम कोर्ट ने अब एक आदेश जारी किया है, जिसके अंतर्गत दूरसंचार कंपनियों को अपने मौजूदा और नए ग्राहकों के लिए आधार सत्यापन के इस्तेमाल का आदेश जारी किया है | इसका मतलब यह है कि भारत की लगभग 1.1 बिलियन दूरसंचार उपभोक्ताओं की अनुमानित आबादी को अब नई आधार सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा |

दूरसंचार विभाग द्वारा हाल ही में जारी नोटिस में घोषणा की गई,

“ सभी लाइसेंसधारियों को अपने मौजूदा ग्राहकों को प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन के साथ ही SMS माध्यम से भी इस सत्यापन गतिविधि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिए गये आदेशों के बारे में जानकारी भेजनी होगी और इस वेबसाइट का पूरा विवरण अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा ”

भारत में दूरसंचार उद्योग के मौजूदा परिदृश्य में, इस प्रतिस्पर्धी बाजार में ख़ुद को स्थापित और बनाए रखने को लेकर दूरसंचार इकाईओं के बीच युद्ध साफ़ तौर पर देखा जा सकता है | हालाँकि हाल ही में यह भी देखा गया है कि उनमें से कुछ अपने अस्तित्व के लाभ में लिए विलय जैसी नीतियाँ भी अपना रहें हैं, जबकि Jio जैसे अन्य प्रमुख मौजूदा प्रदाता, ग्राहकों को बाँधें रखने के लिए आकर्षक ऑफर पेश कर रहे हैं |

हालांकि, इस बीच हम आपको बता दें कि शायद Jio इस आदेश के चलते कम ही प्रभावित हो, क्योंकि कंपनी ने सितंबर में अपनी स्थापना के बाद से आधार आधारित ई-केवाईसी सत्यापन के जरिए ही SIM जारी किए थे |

इस बीच कई कंपनियां भारी कर्ज के नीचे दबी हैं और यह नई सत्यापन प्रक्रिया उनके खर्चों को और बढ़ाने का कार्य करेगी | वहीं उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस अभ्यास के परिणामस्वरूप लगभग 1,000 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय होगा |

नवीनतम नोटिस के अनुसार, ग्राहकों को आधार कार्ड के माध्यम से फिर से सत्यापित करने के लिए कहा गया था | फर्जी कनेक्शनों में वृद्धि और मुफ्त ऑफ़र और योजनाओं में वृद्धि के चलते शीर्ष अदालत ने यह आदेश पारित किया है |

इन उद्योगों के लिए यह वास्तव में एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर पूंजी व्यय होगा | कंपनियों को लोगों को प्रशिक्षित करना होगा, पहचान उपकरणों पर खर्च करना होगा और साथ ही अन्य प्रक्रिया श्रृंखलाओं को स्थापित करने की आवश्यकता होगी | हालांकि, लंबे समय के नज़रिए से यह कदम उद्योग, उपभोक्ताओं और सरकार सहित सभी लोगों के लिए फायदेमंद होगा |

यह आतंकवादी घुसपैठ के लिए बाधा पैदा करके, सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में सरकार की भी सहायता करेगा | इसलिए, अब से आधार कार्ड वाले नागरिक ही केवल एक दूरसंचार कनेक्शन प्राप्त करने में सक्षम होंगे | तो आप भी बनाये आधार को अपना आधार |

इस बीच इस फ़ैसले पर आपकी क्या राय है, यह हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरुर बताएं |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन