BUSINESS News

Idea Cellular और Vodafone India ने की ‘विलय’ की घोषणा, बने देश की ‘सबसे बड़ी टेलीकॉम इकाई’

Idea Cellular और Vodafone India, पिछले कुछ हफ्तों से भारत के सबसे बड़े दूरसंचार वाहक बनाने के लिए विलय को लेकर बातचीत कर रहे थे | हालांकि, अभी तक किसी भी चीज़ को लेकर पुष्टि नहीं की गई थी | लेकिन आज, Idea Cellular ने घोषणा की है कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने Vodafone India और इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Vodafone Mobile Services Limited के विलय को मंजूरी दे दी है |

इस विलय के साथ यह नई दूरसंचार इकाई, देश में सबसे बड़े दूरसंचार नेटवर्क के रूप में जन्म लेगी | आज तक, Airtel भारत में सबसे बड़े दूरसंचार ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी, लेकिन  अब यह दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगी |

कंपनी के बयान के अनुसार, विलय के बाद ₹3,8740 करोड़ के बदले Idea Cellular के प्रमोटरों को 4.9% स्थानांतरित करने के बाद, Vodafone संयुक्त इकाई में 45.1% की हिस्सेदार होगी, वहीं कुमार मंगलम बिड़ला और Idea Group के अन्य प्रमोटरों की हिस्सेदारी 26% होगी और शेष पर जनता का स्वामित्व होगा |

कंपनी ने विलय की घोषणा करते हुए, 2018 तक इसके पूरा होने की उम्मीद जताई है | Idea और Vodafone के प्रमोटर्स को प्रत्येक रूप से तीन निदेशकों को नामांकित करने का अधिकार होगा | जहाँ Idea के पास नामांकित व्यक्ति के रूप में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का अवसर होगा वहीं CEO का नामांकन Vodafone द्वारा किया जाएगा | इसके साथ ही बयान में यह भी कहा गया कि CEO और COO, दोनों पक्षों द्वारा एक संयुक्त निर्णय लिया जाएगा |

समझौते के अनुसार, Idea के प्रमोटरों को शेयरहोल्डिंग को बराबर करने के लिए Vodafone से 9.5% अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल करने का अधिकार दिया गया है | विलय के पूरा होने के बाद, अगर Idea और Vodafone के पास 4 वें साल के अंत तक बराबर शेयरहोल्डिंग नहीं है, तो ऐसे में  Vodafone को 5 वें साल में स्वामित्व को बराबर करने के लिए अपने हिस्से को कम करना होगा | जब तक शेयर समीकरण पूरा नहीं होता है, Vodafone द्वारा आयोजित अतिरिक्त शेयरों को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और वोट संयुक्त रूप से उपयोग किए जाएंगे |

रेटिंग एजेंसी Fitch ने एक बयान में कहा,

“ हमारे मुताबिक इस विलय के जरिये 390 मिलियन उपभोक्ताओं की एक नई इकाई बनेगी, इसके साथ ही इसमें लगभग 40% का एक अग्रणी राजस्व बाजार हिस्सा, USD11-12 बिलियन का राजस्व, और लगभग 28% -30% का EBITDA मार्जिन निहित होगा ”

India Ratings के मुताबिक,

नेटवर्किंग और बिक्री, सामान्य और प्रशासनिक खर्चों में लागत के आधार पर संयुक्त इकाई का ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग 3 प्रतिशत तक बढ़ेगा | इसमें यह भी कहा गया है कि मर्ज की गई कंपनी की आय के रूप में रुपये की सीमा में राजस्व क़रीब 77,500 – 80,000 करोड़ रूपये तक के बीच होगा |

भारत में दूरसंचार उद्योग एक समेकन चरण के माध्यम से वर्तमान में कई विलयों का गवाह बन रहा है | हाल ही में ही Reliance Communications ने अपने वायरलेस कारोबार को प्रतिद्वंद्वी Aircel के साथ मर्ज करने को लेकर एक समझौता किया है | वहीं Bharti Airtel ने इस वर्ष के शुरू में छह भारतीय राज्यों में नॉर्वेजियन कंपनी Telenor के संचालन को लेकर एक समझौते की घोषणा की थी | यहां तक ​​कि BSNL और MTNL को के विलय प्रयासों के भी आगे बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है |

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में Bharti Airtel ने चार वर्षों में सबसे कम लाभ दर्ज किया है | दूसरी ओर, Idea Cellular, भारत की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार ऑपरेटर होने के बाद भी, इसी अवधि में अपने पहले त्रैमासिक नुकसान को दर्ज़ किया है |

इस बीच यह बात तो जग जाहिर है कि टेलीकॉम क्षेत्र में इन समेकन की गतिविधियों का ज़िम्मेदार सिर्फ़ और सिर्फ़ Reliance Jio है, जिसने सितम्बर में अपने लॉन्च के बाद से ही कई समीकरण बदल दियें हैं |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन