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‘Real-time ID Check’ के अंतर्गत Uber के भारतीय ड्राईवर “सेल्फी क्लिक” कर अपनी ‘पहचान करेंगें सत्यापित’

जब Uber वर्तमान में अपने कार्यस्थल में कथित तौर पर होने वाले उत्पीड़न के आरोपों के बीच फँसा हुआ है, ऐसे में यह दिग्गज़ टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी अपने प्लेटफार्म पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ड्राइवरों के लिए ‘वास्तविक समय पहचान’ संबंधी सुविधा का आगाज़ करने जा रही है |

इसका उद्देश्य चालकों और सवारों की सुरक्षा आयामों में सुधार करना है | यह सुविधा शुरू में केवल पांच भारतीय शहरों में शुरू की जाएगी, जिनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, हैदराबाद और कोलकाता जैसे नाम शुमार हैं |

Real-time ID Check नामक इस सुविधा ड्राईवरों को समय-समय पर सेल्फी क्लिक कर अपनी पहचान सत्यापित करने और Uber को यह सुनिश्चित करने के लिए सक्षम बनाता है कि कैब ड्राइविंग व्यक्ति असली है या नहीं | फ़िर कंपनी इस वास्तिविक समय की छवियों को अपने प्लेटफ़ॉर्म में मौजूद ड्राईवर के पहचान डेटा से मिलाएगी की ड्राईवर वही है या नहीं |

इस पहल के बारे में बोलते हुए, Uber के मुख्य सुरक्षा अधिकारी, Joe Sullivan ने कहा,

“ इससे धोखाधड़ी और ड्राइवरों के खातों से समझौते जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा, यह गाड़ी में सही व्यक्ति के होने को सुनिश्चित कर, ऐप में जवाबदेही की एक और परत बनाकर सवारों को भी सुरक्षा प्रदान करेगा, हमारा मानना ​​है कि यह नई पहल शहर में हमारे सवारियों और चालकों, दोनों को ही सुरक्षित रखने में हमारी मदद करेगीऔर हमारी सवारी विश्वसनीय तरीके से सुविधा का आनंद ले सकेगी ”

सत्यापन प्रक्रिया के तहत, ड्राइवरों के अगली सवारी स्वीकार करने से पहले, उन्हें Uber मोबाइल ऐप पर स्वयं की फोटो अपलोड करने के संकेत दिये जा सकेंगें, एक बार तस्वीर अपलोड होने के बाद Microsoft की Cognitive Services द्वारा प्रदान की जाने वाली Face API का उपयोग कर डेटाबेस में मौजूद पूर्व जानकारी से मेल कर, पहचान को सत्यापित किया जाएगा |

एक बार सत्यापित होने के बाद ड्राईवर फिर से ऑनलाइन जा सकेंगें और अगली सवारी की बुकिंग स्वीकार कर सकेंगें |

इसके अलावा अगर वास्तविक समय पर क्लिक की गई तस्वीर, अगर Uber के डेटाबेस में मौजूद तस्वीर से मेल नहीं खाती है, तो ड्राईवर अगली सवारी को स्वीकार नहीं कर पायेंगें और उनका अकाउंट भी अस्थाई रूप से बंद कर दिया जायेगा |

यह भले ही एक थकाऊ प्रक्रिया लग रही है, लेकिन मंच पर मुख्य जांच और सुरक्षा के लिए यह अत्यंत आवश्यक है | यह दिग्गज़ कंपनी, जो पहले से ही यौन उत्पीड़न के मामलों का सामना कर रही थी, इसको सेवा पर बेहतर पकड़ बनाए रखने के लिए एक कदम की आवश्यकता थी | और अब यह प्रक्रिया यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाएगी |

सत्यापन प्रक्रिया आगे भी पारदर्शिता पैदा करेगी तथा साथ ही चालक के नाम, फोटो, लाइसेंस प्लेट नंबर और रेटिंग के लिए सवारी को एक व्यापक पहुंच प्रदान करेगा | वही उपयोगकर्ता के लिए भी एक-दूसरे के संपर्क करने का विकल्प होगा तथा साथ ही उन्हें पिक-अप विवरण देने की भी स्वतंत्रता दी जाएगी |

इसके अलावा, Uber का मानना ​​है कि यह सुविधा इसके प्लेटफार्म को भी सुरक्षित बनाती है क्योंकि उसके सभी ड्राइवर साझेदारों की पुष्टि हो जाएगी | साथ ही उन्हें अपमानजनक व्यवहार के विरुद्ध कंपनी की शून्य सहिष्णुता नीति का पालन करना होगा और अपने कार्यों के प्रति जागरूक रहना होगा |

इस बीच भारत में इस नई सुविधा का आगाज़ Uber के लिए किस हद तक सफ़ल साबित होता है, यह तो वक़्त ही बताएगा | लेकिन हाँ ! कंपनी अब अपने कार्यस्थल और प्लेटफ़ॉर्म पर सुरक्षा को तवज्जों देती नज़र आ रही है, और इसका यह सही समय भी है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन