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लाइट ऐप बनाने हेतु Flipkart ने थामा Facebook का हाथ

भारत के बढ़ते ई-कॉमर्स बाज़ार में अपने पांव जमाये रखने के लिये, Flipkart ने एक और तकनीक कंपनी की सहायता ली है। Microsoft के बाद, ये दूसरी कंपनी है, जो उनकी मोबाइल ऐप व उससे संबंधित अनुभव को बहतर बनाने के लिये Flipkart की सहायता कर रही है। वे इसे कम कनेक्टिविटी व कम रेंज के फ़ोनों में भी उपलब्ध कराना चाहते हैं, जिससे कि कंपनी की पहुंच अधिक हो।

ऐप्लिकेशन का साइज़ कम करने के अलावा, Flipkart ऐप के लिये लायी जाने वाली रेगुलर अपडेटों को भी कम करने के विचार में है। वे इस समय Facebook के React Native का उपयोग कर रहे हैं, जो कि केवल JavaScript के उपयोग से मोबाइल ऐप बनाने में सहायता करता है। इसकी सहायता से एक अच्छा उपभोक्ता इंटरफ़ेस बनाया जा सकता है, वो भी बिना फ़ोन की मेमोरी पर अधिक ज़ोर डाले।

इस फ़्रेमवर्क का उपयोग करने का प्रमुख उद्देश्य पहले से ही उपलब्ध Facebook Lite को भारतीय जनता के लिये और भी हल्का बनाना है। Flipkart का मानना है कि मोबाइल ऐप कम डेटा उपयोग करने वाली और गांवों में 2G नेट्वर्क पर भी चल जाने वाली होनी चाहिये।

इस प्रयास पर बात करते हुए Flipkart में इंजीनियरिंग के वाइस प्रेज़िडेंट अमर नागाराम ने कहा:

मैं Facebook के साथ काम कर रहा हूं – जिसकी सहायता से उपभोक्ता ऐप की अपडेट को स्किप कर सकते हैं – और हमारे पास React Native नाम का एक मंच है, जिसकी सहायता से हम अपनी जानकारी को बांट कर डेवलपर समाज के उपयोग करने के लिये एक बहतरीन प्रोडक्ट बना सकें।

एक समय ऐसा था, जब Flipkart ने मोबाइल वेब मंच छोड़ कर केवल ऐप का रुख किया था। परंतु अपने फ़ैशन पोर्ल Myntra के साथ प्रयोग करने के बाद, कंपनी ने अपनी मोबाइल वेबसाइट को वापस लाने का निर्णय ले लिया। उन्हें 2015 के अंत में, ‘Flipkart Lite’ नाम की अपनी मोबाइल वेबसाइट लांच करी। सितंबर में लांच हुए डेटा के मुताबिक, Flipkart के 100 मिलियन में से करीब आधे से भी अधिक उपभोक्ता, नियमित रूप से इसका उपयोग करते हैं। कम से कम, 70 मिलियन उपभोक्ता, 2G नेट्वर्क वाले बजट फ़ोन से Flipkart Lite का उपयोग कर सकते हैं।

बिक्री व उपभोक्ता संतुष्टी का ध्यान रखते हुए कंपनी अपनी ऐप को अपडेट करती रहती है, जिससे कि वे अपने सबसे कट्टर प्रतिद्वंदी Amazon को पछाड़ सकें। ये दोनों ही कंपनियां भारतीय ई-कॉमर्स बाज़ार में उच्चतम स्थान स्थान पर आने चाहती हैं – एक गहरी जेबों के साथ, और एक अपनी सेवाओं के।

इससे पहले, ये रेडमंड की Microsoft के साथ भी साझा किया, जिससे कि वे Azure की एक्स्क्लूज़िव सेवाओं के साथ खुद को जोड़ सकें। Azure की कृत्रिम बुद्धी और Flipkart के डेटा को जोड़ कर, उनके ऑपरेशन को और भी आसान हो जायेगा, जिससे उपभोक्ताओं का अनुभव और भी बहतर हो। इससे, Microsoft अपना क्लाउड और भी बहतर कर के क्षेत्र में अपनी पहुंच और भी बढ़ा सकती है।

साथ ही, ये जानकारी भी तब आयी है, जब Flipkart करीब $1.5 बिलियन का नया कैपिटल जुटाने का विचार कर रही है। सुनने में आया है कि कंपनी Microsoft, eBay, PayPal और Tencent समेत कई कंपनियों के साथ निवेश की बात कर रहे हैं। वे निवेश के लिये Google Capital से भी चर्चा कर रहे हैं।

ई-कॉमर्स कंपनी, $10-$12 बिलियन के वैल्युएशन पर निवेश जुटाने का विचार कर रही है, जो कि उनके पिछले $15 बिलियन के वैल्युएशन से कम है। परंतु लगातार मारेडाउनों के चलते, ये राशि कम ज़रूर हुई है। कंपनी अपने पर्स में नया निवेश जुटाने के लिये तैयार है, ये तो स्पष्ट है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन