ई-कॉमर्स खबर

लंबित बकायों के चलते, Snapdeal के 40% विक्रेताओं ने रोकीं अपनी सेवाएं

डूबते जहाज में और पानी भरते ही, 40% Snapdeal सेलर्स ने इस ई-कॉमर्स बाजार के साथ अपने संबंध तोड़ दिए हैं | इन 2,000 ऑनलाइन व्यापारियों ने कुछ संचित बकाया राशि के कारण Snapdeal के परित्याग का सहारा लिया है |

सभी विक्रेता ‘ऑल इंडिया ऑनलाइन वेंडर्स एसोसिएशन’ (AIOVA) से संबंधित हैं और ये ई-रिटेलर अपने लंबित भुगतानों के समाप्त होने तक अपनी बिक्री सेवाओं पर रोक घोषित कर चुके हैं | जैसा कि TOI द्वारा रिपोर्ट की गई, यह लंबित भुगतान राशि क़रीब ₹300-400 करोड़ के बीच है |

जबकि Snapdeal का दावा है कि उसके प्लेटफ़ॉर्म में 3,00,000 से ज्यादा विक्रेता शामिल हैं और फ़िलहाल खबरों की माने तो विक्रेताओं के ऑनलाइन समूह का कहना है कि यह सक्रिय संख्या में केवल 50,000 की ही है | पिछले एक साल में, आंतरिक अराजकता और कुशल प्रतिक्रिया और सेवाओं की कमी के कारण मंच ने व्यापारियों की भारी संख्या को अलविदा कहा है |

वहीं भारी निकासी के बोलते हुए, AIOVA के एक प्रवक्ता ने कहा,

“ वे मंच पर केवल तभी वापस जाएंगे, जब कंपनी मुद्दों को हल करते हुए, एक लिखित आश्वासन देगी ”

यद्यपि संस्थापकों, कुणाल बहल और रोहित बंसल ने अपने कर्मचारियों को शांत करने के लिए पूर्ण वेतन में कटौती करने के लिए सहमत हुए थे, लेकिन व्यापारियों की ओर अधिक ध्यान न देने के कारण, मंच ने अपनी सबसे बड़ी संपत्ति, बड़े पैमाने पर घटा दी है |

हालाँकि दोनों संस्थापकों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है और अब भी AIOVA के जवाब को संबोधित करने का इंतजार किया जा रहा है |

AIOVA ई-सेलर्स का एक सक्रिय समूह है जो ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ व्यापारियों की चिंताओं को उजागर करता है | संस्था विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी समस्याएं व्यक्त करती है और उनकी ओर से प्रतिक्रिया की मांग करती है | यह न केवल कंपनियों से बल्कि लगातार भारत के वाणिज्य मंत्रालय को भी इस तरह के मुद्दों से अवगत कराता रहता है |

AIOVA प्रश्नों के जवाब में AIOVA के प्रवक्ता ने कहा,

“ AIOVA में, हम अपने विक्रेता भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि उन्हें एक विशाल बाजार, डेटा चालित विश्लेषणात्मक सहायता और व्यापक रसद और भुगतान समाधान तक पहुंच प्रदान कर सकें ”

“ हमारे विक्रेताओं के साथ हमारे मजबूत संबंध हैं, जो एक विश्वसनीय और बेबाक तरीके से व्यापारिक संचालन में सहायता प्रदान करता है ”

Snapdeal के अधिकारियों ने ई-सेलर Suraksha के विक्रेताओं से मिलने के लिए सहमति जताई है, जिसके साथ 1,500 विक्रेताओं के जुड़े होने की उम्मीद है, जिसमें आने वाले सप्ताह के भीतर विक्रेताओं की बढ़ती चिंताओं पर चर्चा की जाएगी | यह मामला ओवरड्राफ्ट सुविधा और ऋण चक्र से प्रभावित विक्रेताओं को परेशान कर रहा है | इसी तरह से Askmebazaar और Bestdeal TV की स्थिति थी, वह भी अपने विक्रेता का बकाया चुकाने में असमर्थ हैं और यह जल्द ही बंद हो जाएगें |

हाल ही में यह स्थानीय ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म, SoftBank से $300 मिलियन का निवेश जुटाने का प्रयास कर रहा था | लेकिन ताज़ा ख़बरों के मुताबिक, Snapdeal और SoftBank  की पैरेंट कंपनी,  Jasper Infotech ने इस निवेश पर और भी तरीकों से सोचने का प्रस्ताव रखा है | और ख़बरों के मुताबिक, Jasper Infotech $1.5-2.5 बिलियन के मूल्यांकन आधार पर निवेश करने पर विचार बना रही है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन