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‘इंटरनेट’ को “बुनियादी अधिकार का दर्ज़ा” देने वाला, पहला भारतीय राज्य बना “केरल”

आने वाले वर्षों में, न सिर्फ़ साक्षरता स्तर के लिए प्रसिद्ध होने की बजाय, केरल को देश का ‘इंटरनेट राज्य’ भी कहा जा सकता है | ऐसा इसलिए क्योंकि केरल के राज्य वित्त मंत्री, थॉमस इसाक ने अपने बजट भाषण में इंटरनेट को राज्य में एक ‘मूलभूत अधिकार’ बनाने का प्रस्ताव रखा है |

उन्हें उम्मीद है कि इस फैसले से वह क़रीब 20 लाख से अधिक परिवारों तक इंटरनेट की सुविधा पहुँचा सकेंगें | फिनलैंड के कदमों पर चलते हुए, राज्य सरकार का यह कदम से विकास और विकास में तेजी लाने का लक्ष्य लिए हुए है |

इस ‘K-FON (Kerala Fibre Optic Network)’ नामक परियोजना के लिए सरकार ने ₹1,000 करोड़ तक का बजट पारित करने संबंधी प्रस्ताव रखा है | इस परियोजना को राज्य में एक स्वस्थ इंटरनेट परिस्थितिक तंत्र होने की वजह से, सिर्फ 18 महीने की समय सीमा के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है |

पहल के बारे में बोलते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, एम शिवशंकर ने कहा,

“ सरकार का प्रयास, KSEB के वितरण नेटवर्क के समानांतर, ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क के माध्यम से व्यक्तिगत घरों तक सीमित बैंडविड्थ के साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करना होगा ”

परियोजना प्रत्येक व्यक्ति को इंटरनेट संबंधी सुविधा में सुलभ बना देगा, जिसका सीधा उपयोग शिक्षा, आतिथ्य और शासन सहित हर क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा देने में होगा | यद्यपि राज्य पहले से ही ऐसी योजनाओं का समर्थन करता है, जैसे ‘अक्षय केंद्र’ केरल भर में इंटरनेट प्रदान कर रहें हैं वहीं K-Fon शहरी और साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करता है | इसका उद्देश्य राज्य की सीमाओं के भीतर रहने वाले हर व्यक्ति के जीवन को एक सुखद तरीकों में प्रभावित करने का है |

इसके पहले ही केरल को इनकी ‘राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क’ (एनओएफएन) परियोजना के तहत जारी की गई योजनाओं के लिए भारत के ‘डिजिटल राज्य’ का ताज पहनाया गया है | यह परियोजना एक ब्रॉडबैंड कनेक्शन के माध्यम से राज्य के सभी छोटे और बड़े गांवों को जोड़ती है और इस तरह नागरिकों को एक बेहतर आधारभूत सुविधाएं प्रदान करने में सहायता देती है |

इसके अलावा, इस राज्य के हर क्षेत्र में छात्रों के लिए बुनियादी आईटी ज्ञान का होना अनिवार्य है | यह कानून 2003 में स्कूलों में आईटी शिक्षा प्रदान करने को अनिवार्य बनाने के लिए पारित किया गया था |  

सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, केरल के ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 5.97 मिलियन थी, जो कि जनवरी 2016 तक भारत में 5.2 9% हिस्सेदारी के बराबर थी | राज्य में इंटरनेट उपयोग के स्तर को बढ़ावा देने के लिए, इन्हीं परियोजना की तरह ‘K-FON’ भी केरल सरकार का एक समझदारी भरा कदम नज़र आता है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन