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बिल गेट्स चाहते हैं कि मनुष्यों की तर्ज़ पर, रोबोटों पर भी लगे “कर”

जल्द ही रोबोट, फ़ैक्ट्रियें में कार्य कर रहे लोगों की जगह लेने के लिये तैयार हैं। ये तो निश्चित है। परंतु उस स्तर तक पहुंचने के लिये पहले बहुत सा चीज़ों मैं सुधार लाना होगा। पहला तो, मनुष्यों को कर का भुगतान करना होता है, परंतु अगर उनकी जगह मशीनें कार्य करें तो क्या होगा? खैर कम से कम बिल गेट्स का मानना है कि मनुष्यों और रोबोटों पर समान कानून लगने चाहिये।

Quartz के साथ एक साक्षात्कार में गेट्स ने कहा कि मनुष्यों की जगह लेने वाले रोबोटों को भी मनुष्यों जितना ही कर देना चाहिये। या कम से कम उन रोबोटों के मालिकों के वे कर देना चाहिये। गेट्स के मुताबिक:

इस समय, फ़ैक्ट्री में $50,000 का कार्य कर रहे मनुष्य का आय पर कर लगता है… अगर उसी जगह पर कोई रोबोट काम कर रहा है, तो उससे भी वैसी ही बर्ताव होना चाहिये।

Microsoft के संस्थापक का कहना है कि कर से मिले पैसों का उपयोग, इन रोबोटों के कारण अपना कार्य खो रहे लोगों के लिये रोज़गार तैयार करने में उपयोग हो सकता है।

और तो और, इस कर से, रोबोटों के मालिकों को अपनी फ़ैक्ट्री में मनुष्यों को पूरी तरह रोबोटों से बदलने से भी रोका जा सकता है। साथ ही, उससे बदलाव लाने के लिये और भी समय मिल जायेगा। और तो और, ये भी जाननी ज़रूरी है कि अगर मनुष्य ये सोचें कि रोबोट उनकी जगह से लेंगे, तो क्या होगा? वे खुश तो नहीं होंगे, है ना? वहीं दूसरी ओर, इस बदलाव की गती धीमी करने पर लोग इस बदलाव के साथ खुद को संभाल सकते हैं।

बिल गेट्स के मुताबिक:

ये बहुत ही बुरा होगा कि लोग इनोवेशन की संभावनाओं को लेकर डरें… और आपको भी पता है कि कर लगाना, बैन लगाने से बहतर विकल्प है।

तो सरकार के लिये अतिरिक्त आय का स्त्रोत बनाने की जगह, ये कर नौकरी खो रहे लोगों की आय का नया स्त्रोत देने के लिये उपयोग होगा। तो, कभी न कभी तो सरकार के हस्ताक्षेप करना ही होगा, जिससे कि सब काम सहूलियत से हो जायेगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन