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₹80 करोड़ में, Hindustan Motors ने अपने ब्रांड Ambassador की बागडोर Peugeot को दी

उम्मीद है कि आपको भारत के सबसे प्रचलित कार ब्रांड Ambassador के बारे में तो पता ही होगा। परंतु ये कार बनाने वाले Hindustan Motors, जिन्होंने 1954 में ये ब्रांड भारत में लांच किया था, ने गिरते सेल्स फ़िगर देखे हैं। इसी लिये, उन्होंने घोषणा करी है कि वे इसकी बागडोर फ़्रांसीसी कंपनी Peugeot SA को ₹80 करोड़ में दे रही है।

बॉम्बे स्टेट एक्स्चेंज की एक नियंत्रक फ़ाइलिंग के अनुसार,

Hindustan Motors ने Peugeot SA के साथ Ambassador के ब्रांड की बिक्री को लेकर एक ₹80 करोड़ की डील करी है, जिसमें ट्रेडमार्क भी शामिल हैं।

भले ही आज भी सड़कों पर हमें Ambassador कारें देखने के लिये मिल जाती हैं, परंतु इसका निर्माण 2013 में बंद हो गया था। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को प्लांट बंद करच़के समय वॉलंट्री रिटायरमेंट स्कीम (VRS) उपलब्ध करायी थी। और इस डील से प्राप्त रक़म, कर्मचारियों और उधार देने वालों का बकाया चुकाने में उपयोग होगा।

ये ख़बर Peugeot और CK Birla Group (Hindustan Motors के मालिक) के बीच हाल ही में हुई साझेदारीे के एक महीने बाद आयी है। ये फ़्रांसीसी कंपनी भारतीय बाज़ार में वापस प्रवेश करने का प्रयास कर रही है और ये तमिल नाड़ू में अपना वाहन और पावर ट्रेन प्लांट लगाने के लिये €100 मिलियन (₹700 करोड़ के करीब) का निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं।

परंतु अभी तक इस फ़्रांसीसी कंपनी ने अभी तक ये उजागर नहीं किया है कि Ambassador के साथ वे क्या कने वाले हैं। परंतु भविष्य में दोनों ग्रूपें के मध्य और भी साझेदारियों से इसे को और भी विस्तृत किया जायेगा। अब Ambassador ब्रांड का भविष्य भी अंधेरे में है, क्योंकि Peugeot अपने भारतीय वाहन लांचों में ये ब्रांड डालने पूरी तरह छोड़ भी सकती है। वहीं दूसरी ओर, ये इस ब्रांड के प्रचलन का लाभ उठा कर उपभोक्ताओं को आकर्षित कर सकते हैं।

जिन्हें पता न हो उन्हें बता दें कि कोलकाता स्थित Hindustan Motors, देश की सबसे पुरानी वाहन बनाने वाली कंपनियों में से एक है। इन्होंने 1954 में Ambassador ब्रांड को Hindustan Landmaster के नाम से लांच किया था। उसे बाद में पुनः मॉडल कर के, Hindustan Ambassador Mark-I का नाम दिया गया था।

कंपनी एक समय पर 75% बाज़ार शेयर के साथ भारत की सबसे बड़ी कार निर्माण कंपनी हुई करती थी। परंतु 1983 में आयी Maruti Suzuki 800 की सेल्स के कारण Ambassador बहुत ही प्रभावित हुई। इसी लिये Ambassador का निर्माण देश में कम हो गया और इसका जगह वे Mitsubishi कारें असेंबल करने लगे।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन