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मार्क ज़करबर्ग ने ‘Occulus ग्लोव्स’ किया प्रदर्शित, इसके जरिये तलाशिए ‘वर्चुअल वास्तविकता’ के नए आयाम

मार्क ज़करबर्ग होने का सबसे बड़ा लाभ है कि आप ऐसी तकनीक ट्राय कर सकते हैं, जिसके बारे में अन्य लोग सोचते ही हैं। Facebook के सी.ई.ओ. ने हाल ही में Occulus के नये दस्ताने प्रदर्शित किये, जो कि वर्चुअल वास्तविकता में उंगली से पेंट करने में, टाइप करने में व जाले फ़ेंकने के लिये उपयोग किये जा सकते हैं।

ज़करबर्ग ने इन दस्तानों का प्रदर्शन हाल ही में किया, जब वे Occulus की रेडमंड, वॉशिंटन स्थित शोध संस्थान का दौरा करने गये थे। देखने में ये सभी दस्ताने बहुत ही पतले नज़र आ रहे हैं और बहुत ही उपयोगी सिद्ध होंगे। ये बिलकुल समान दस्तानों जैसे लग रहे हैं, परंतु बहुत ज़्यादा कमाल के।

मुद्दे पर बात करते हुए ज़करबर्ग ने कहा:

हम आपके हाथों को वर्चुअल वास्तविकता में लाने के लिये, और भी प्रयास कर रहे हैं। इन दस्तानों को पहन कर आप तस्वीरें बना सकते हैं, वर्चुअल कीबोर्ड पर टाइप कर सकते हैं और स्पाइडरमैन जैसे जाले भी फ़ेंक सकते हैं।

TechCrunch के मुताबिक, दस्तानों में संभवतः OptiTrack Prime 17W के कैमरा लगे हैं। अगर आपको समझ न आ रहा हो तो हम बता दें कि कैमरा व्यक्ति के आस पास की चीज़ों को परख कर, उन्हें वर्चुअल वास्तविकता दुनिया से जोड़ते हैं।

Occulus बहुत समय से वर्चुअल वास्तविकता दस्तानों के पीछे भाग रही है। कंपनी ने इसी के चलते, इज़राइल की Pebbels Interfaces को 2015 में अधिग्रहित किया था। कंपनी गहराई सेंसिंग तकनीक और कंप्यूटिंग विज़न का एक उभरता नाम थी और वर्चुअल वास्तविकता दस्तानों से संबंधित एक तकनीक विकसित कर रही थी। अधिग्रहण के समय, वर्चुअल वास्तविकता को अगले चरण तक ले जाने की बहुत बात हुई थी।

Occulus के वॉशिंटन शोध संस्थान की अगुवाई माइकल अब्राश करते हैं। ये अडवांस ऑप्टिक्स, आई ट्रैकिंग, मिली-जुली वास्तविकता व मनुष्य की बनावट को मैप करने जैसी उच्च तकनीक के ऊपर कार्य कर रहे हैं। ये सभी चीज़ें Occulus के वर्चुअल वास्तविकता व कृत्रिम वास्तविकता से किसी न किसी तरह जुड़ी हैं।

लक्ष्य है वर्चुअल वास्तविकता और कृत्रिम वास्तविकता को बिलकुल हमारे सपनें जैसा बनाना: इतने छोटे चश्में, जिन्हें कहीं भी ले जाया जा सके, सॉफ़्वेयर जिससे कुछ भी अनुभव किया जा सके और तकनीक, जिसका उपयोग कर के आप वर्चुअल दुनिया में भी वैसे ही कार्य कर सकें, जो आप वास्तविक दुनिया में कर सकते हैं।

ये तस्वीर बहुत ही आकर्षक है और ये कंप्यूटिंग को पूरी तरह बदल के रख सकती है। Facebook के सी.ई.ओ. का पेंटिंग, टाइपिंग व स्पाइडरमैन जैसे जाले फ़ेंकने वाले बयान से हमें कम से कम ये स्पष्ट हो जाता है कि Occulus शोध में बहुत ही आगे पहुंच चुकी है। दस्ताने व हेडसेट एक साथ एक ऐसा सेटप बनाते हैं, जिससे वर्चुअल वास्तविकता की असली क्षमताओं को पहचान सकते हैं।

उदाहरण स्वरूप, टाइपिंग व पेंटिंग की क्षमताओं के साथ, कीबोर्ड सच मुच पुराने ग़हो जायेंगे। और फ़ेंकने की क्षमता के साथ, गेमिंग की अनेक संभावनायें भी खुले गयी हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन