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TeamIndus के “चंद्र अभियान” के समर्थन में रतन टाटा ने लॉन्च की “Moonshot Wheels”

हमेशा से ही अपने नवीन और सकारात्मक प्रयासों के लिए जाने गए, Tata Group के मुखिया,रतन टाटा ने आज ‘TeamIndus Foundations Moonshot Wheels’ को लॉन्च किया | दरसल, यह एक बस है, जो भारत के पहले निजी चंद्र अभियान के बारे में अगली पीढ़ी को प्रेरित करने के उद्देश्य से बनाई गई है |

TeamIndus Foundation असल में TeamIndus का CSR अंग है, जो कि एकलौती भारतीय टीम है जो 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर के Google Lunar XPRIZE के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही है, जिसमें निजी वित्त पोषित टीमों को अपना अंतरिक्ष यान चंद्रमा की सतह पर उतारना होगा, जिससे वह यान 500 मीटर की दूरी तय कर HD वीडियो, चित्र, डेटा इत्यादि पृथ्वी पर वापस प्रसारित कर सके |

Moonshot Wheels एक बस है, जो 12 महीनों में नौ राज्यों में लगभग 12,500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जिसमें सरकारी स्कूलों के 36,000 से अधिक छात्र प्रभावित होंगें |

इसकी जानकारी रखने वाले कुछ अधिकारियों ने बताया कि,

“ इस बस में 16 विज्ञान प्रयोगों, लाइव उपग्रह ट्रैकिंग, चाँद रोवर, अंतरिक्ष यान स्केल मॉडल और एक अनुभव जोन को सम्मिलित किया जाएगा ”

यह कार्यक्रम के संचालन का मुख्य दामोदर TeamIndus Foundation के ऊपर होगा, जिसमें जमीनी स्तर पर Agastya International Foundation उनकी मदद करेगा, जो ख़ुद भी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित इत्यादि से बच्चों को जोड़ने के प्रयास करता रहता है |

इस बीच TeamIndus को रतन टाटा, नंदन नीलेकणी (Infosys), सचिन बंसल और बिन्नी बंसल (Flipkart) और वेणु श्रीनिवासन (TVS Group), के. कस्तूरीरंगन (पूर्व इसरो प्रमुख) आदि सलाहकारों के रूप में समर्थन दे रहें हैं |

बस का अनावरण करने वाले रतन टाटा ने मीडिया में इस पहल को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कस्तूरीरंगन ने इसको एक “महान कार्य” और “शानदार पहल” बता कर, इस कदम की सराहना की है |

साथ ही उन्होंने मीडिया में यह भी कहा कि,

“ यह एक बहुत ही महत्वाकांक्षी प्रयोग है और इन युवाओं के बारे में दिलचस्प बात यह है कि यह इसको लेकर काफ़ी साहसी और उत्साहित रुख रखतें हैं, तथा वे शानदार तरीकों से इस अवसर का उपयोग कर रहे हैं ”

हालाँकि इस बीच  ISRO के दूसरे चंद्र अभियान, “चंद्रयान-2” के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,

“ मैं एक निष्क्रिय व्यक्ति हूँ, और देश में हुई किसी भी अच्छी चीज़ पर गर्व करता हूँ, और साथ ही हमें इसरो या गैर इसरो के प्रयासों के बीच भेद नहीं करना चाहिए, अगर इनमें से कोई भी सफ़ल होता है, तो हम सबको उन पर गर्व करना चाहिए ”

Moonshot Wheels पहल की जानकरी देते हुए, फाउंडेशन की प्रमुख पदाधिकारी, प्रियंका नारायण ने कहा,

“ इस पहल के अंतर्गत, प्रत्येक बच्चे को अंतरिक्ष मिशन और उसके अंतर्निहित प्रौद्योगिकियों के निर्माण को समझने का अवसर मिलेगा ”  

खैर ! जितना रोचक यह मिशन है, उतनी ही रोचक अब इससे जुड़ी पहल भी हैं, बस देखना यह है कि देशवासियों की तरफ़ से इस पहल को कितना समर्थन मिलता है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन