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BHIM के जरिये उपयोगकर्ताओं ने किए, अब तक कुल “361 करोड़ रुपए” के लेनदेन: सरकार

देश में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने हेतु हाल ही में लॉन्च की गई मोबाइल एप्लिकेशन, BHIM के जरिये अब तक कुल 361 करोड़ रुपए के लेनदेन हो चुकें हैं | यह जानकारी बुधवार को लोकसभा में दी गई, यह आँकड़े इस पहल की सफ़लता और भारत में डिजिटल लेनदेन की प्रथा के आरम्भ को साफ़ तौर पर दर्शाते हैं |

नियोजन राज्य मंत्री, राव इंद्रजीत सिंह ने कहा,

“ BHIM (Bharat Interface for Money) के जरिये विभिन्न बैंकों को एक छतरी के नीचे लाया गया है, और यह उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है ”

इससे पहले, उपभोक्ताओं को डिजिटल लेनदेन के लिए विभिन्न बैंकों द्वारा पेश किए जाने वाले विभिन्न एप्लिकेशनों का उपयोग करना पड़ता था |

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान अनुपूरक तर्ज़ पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि

“ जहाँ स्कैंडिनेवियाई देशों में डिजिटल लेनदेन की भागीदारी दर 90% की है, वहीं भारत में यह आंकड़ा मात्र 3% का था ”

इसके साथ ही श्री सिंह ने यह भी कहा कि,

“ इस आँकड़े के 22% तक पहुँचने पर ही, हमें अर्थव्यवस्था से काले धन में कटौती करने हेतु अत्यधिक मदद मिलेगी ”

डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदार इस एप्लिकेशन के संबंध में पर्याप्त सुरक्षा के बारे में पूछने पर, उन्होंने कहा कि,

” इसके जरिये लेनदेन में, ऐसा कोई भी खतरा नहीं है और यह 101%  सुरक्षित है, और भारत सॉफ्टवेर क्षेत्र में परिपक्व देश होने के चलते, आने वाली कुछ खामियों को निश्चित ही दूर कर लेगा ”

हम आपको बता दें कि  इसको इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है, एक बाद BHIM एप्लिकेशन को डाउनलोड करने के बाद, आपको एप्लिकेशन में अपनी बैंक संबंधी जानकारियाँ डालनी होंगी और एक UPI PIN सेट करना होगा | इसके बाद आपका मोबाइल नंबर ही आपके “पेमेंट एड्रेस” के तौर पर काम करेगा और इसके बाद आप लेनदेन की प्रक्रिया को अंजाम दे सकेंगें |

एप्लिकेशन आपको फोन नंबर के जरिये धन प्राप्त करने और भेजने संबंधी सहूलियतें देगा | इसके साथ ही शेष राशि की जांच और अपने फोन नंबर को साझा किए बिना, भुगतान के लिए मात्र QR कोड स्कैन करने संबंधी सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं |

बिना UPI के IFSC के जरिये भी कार्य किया जा सकता है, जैसा की ऑनलाइन बैंकिंग में इस्तेमाल किया जाता है | फ़िलहाल 30 से अधिक बैंकों को इस एप्लिकेशन से संबद्ध किया गया है |

संबद्ध होने वाले बैंकों की सूची कुछ इस प्रकार है,

  • इलाहाबाद बैंक
  • आंध्रा बैंक
  • ऐक्सिस बैंक
  • बैंक ऑफ बड़ौदा
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  • केनरा बैंक
  • कैथोलिक सीरियन बैंक
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  • डीसीबी बैंक
  • देना बैंक
  • फेडरल बैंक
  • एचडीएफसी बैंक
  • आईसीआईसीआई बैंक
  • आईडीबीआई बैंक
  • आईडीएफसी बैंक
  • इंडियन बैंक
  • इंडियन ओवरसीज बैंक
  • इंडसइंड बैंक
  • कर्नाटक बैंक
  • करूर वैश्य बैंक
  • कोटक महिंद्रा बैंक
  • ओरिएंटल बैंक
  • पंजाब नेशनल बैंक
  • आरबीएल

खैर ! इस सफ़लता के बाद भी अभी भी इस एप्लिकेशन को भविष्य में कई आयामों में जाँचा जाएगा, लेकिन फ़िलहाल इसकी इस सफ़लता के बाद देश में डिजिटल लेनदेन के वातावरण को और बल जरुर मिलेगा |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन