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निवेश अर्जित न कर पाने की परेशानियों के मध्य, Snapdeal के कॉर्पोरेट विकास प्रमुख ने त्यागा पद

पिछले 24 घंटे, Snapdeal के लिये बहुत ही उतार-चढ़ाव भले रहे हैं। हमने पहले Reuters कि ओर स ये घोषणा करी थी कि कंपनी आने वाले कुछ वर्षों में लाभकारी होने का दावा कर रही है। अब, हमें सुनने में आया है कि कंपनी के दो उच्च पदाधिकारियों, कॉर्पोरेट विकास के प्रमुख और एक वाइस प्रेज़िडेंट ने गुप्त रखे गये कारणों से अपने पद त्यागा दिये हैं।

ये तो सभी को पता है कि कभी जो कंपनियां देश के स्टार्टप ईकोसिस्टम की शान हुआ करती थीं, आज निवेश की कमी में व्यापार बताये रखने के लिये परेशान हैं। Snapdeal भी ऐ़एक ऐसा ही कंपनी है, जो कि शुरवाती दौर में यूनीकॉर्न स्तर पर तो पहुंच गयी, परंतु इस समय, उन्हें निवेश जुटाने पाने में भी बहुत मुश्किल हो रही है।

इन सभी परेशानियों के मध्य, कंपनी को जनवरी के वरिष्ठ वाइस प्रेज़िडेंट और Snapdeal के Shoppo के प्रमुख संदीप कोमारवल्ली के और आज कॉर्पोरेट विकास के प्रमुख अभिषेक कुमार की विदाई देख रही है। Shoppo के FreeCharge से जोड़ने जाने के बाद, संदीप कंपनी छोड़ कर दूसरी किसी कंपनी से जुड़ने जा चुके हैं।

Snapdeal $3-4 बिलियन के वैल्युएशन पर अपने पुराने निवेशकों SoftBank से निवेश अर्जित करने का प्रयास कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक कुमार इस समय अपना नोटिस पीरियड दे चुके हैं। वे पिछले तीन वर्षों से Snapdeal से जुड़े हुए थे और उन्होंने Freecharge के $400 मिलियन के अधिग्रहण का भी निदेशन किया था।

उनके जाने के बाद, कंपनी के प्रमुख रणनीति व निवेश अधिकारी जेसन कोठारी ही अभिषेक कुमार की भी ज़िम्मेदारियां संभालेंगे। इससे पहले जेसन कोठारी Housing. com के कार्यकारिणी सी.ई.ओ. के पद पर थे, कंपनी के अधिग्रहण से पहले।

इन दोनों अधिकारियों की विदाई पर Snapdeal के वक्ता ने कहा:

अभिषेक ने अपनी उद्यम रुची को आगे ले जाने का निर्णय लिया है, जो कि उन्हें Snapdeal के बाहर लेकर जाता है। संदीप, उद्यम के अन्य पहलुओं में अपनी हाथ आज़माने निकल चुके हैं।

निवेश संबंध मुद्दे से अवगत लोगों ने बताया कि Snapdeal $3-4 बिलियन के वैल्युएशन पर अपने पूर्व निवेशकों SoftBank से निवेश जुटाने का प्रयास कर रही है। ये उनके पुराने $6.5 बिलियन के वैल्युएशन य़से बहुत कम है, जिसके आधार पर उन्होंने 2016 में Ontario Teachers’ Pension Fund से निवेश प्राप्त किया था।

कैश की कमी के कारण, कंपनी ने कैश बर्न रोकने के कई हखकंडे अपनाने शुरू कर दिये हैं। इससे पहले कंपनी को अपने 200 लोगों की क्षमता वाले कार्यालय से एक साथ ने कार्य करने वाले स्थान में शिफ़्ट होना पड़ा था।

इन सभी निवेश संबंधित परेशानियों के मध्य, कंपकहती है कि वे आने वाले दो वर्षों के अंदर लाभ प्राप्त करने लगेंगे। 2015 में कंपनी ने कहा था कि वे आने वाले तीन वर्षों में लाभकारी हो जायेंगे। 2015-16 में उनको पिछले वर्ष के ₹1,328 करोड़ के मुकाबले ₹3,316 की हानी हुई थी। उस वर्ष उनके रेवेन्यू ₹993 करोड़ से बढ़ कर ₹1,457 करोड़ भी हो गये थे।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन