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Apple सरकार से माँग सकता है, भारत में ‘Refurbished iPhones’ को बेचने की इजाज़त

Apple ने भारत में भले ही स्थानीय बाज़ार के लिए अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित करने संबंधी इजाज़त हासिल कर ली हो, लेकिन कंपनी यहीं नहीं रुकना चाहती, इस बार यह अपने पुराने लक्ष्य को फ़िर से हासिल करने का मन बना रही है |

दरअसल कथित तौर पर, कंपनी भारत में Refurbished(उपयोग किए जा चुके) iPhones बेचने के अपने पुराने लक्ष्य को अमल में लाने की फिर से कोशिशें कर रही है |

हम आपको बता दें, कि पिछले साल भारत सरकार  ने कंपनी की Refurbished iPhones बेचने की गुजारिश को नामंजूर कर दिया था | वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, निर्मला सीतारमण ने कहा कि,

“ Apple को कोई विशेष उपचार नहीं दिया जाएगा और सरकार किसी भी कंपनी को इस्तेमाल किए हुए फोनों की बिक्री संबंधी इजाज़त देने के पक्ष में नहीं है, भले ही वह किसी से भी प्रमाणित हों ”

लेकिन iPhone निर्माण के लिए, स्थानीय विनिर्माण इकाई स्थापित करने संबंधी इजाज़त मिलने के बाद अब Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Apple अब Refurbished iPhones को बेचने संबंधी इजाज़त के लिए फिर से कोशिशें कर रही है | यह कथित तौर पर भारत में विनिर्माण इकाई के सौदे के रूप में रियायतों की तर्ज़ पर हासिल किया जा सकता है |

हम आपको बता दें कि Refurbished iPhones पुराने (सेकंड-हैंड ) उपकरण होतें हैं, जिन्हें कंपनी द्वारा मरम्मत कर दुबारा कम कीमतों में बेचा जाता है |

लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि “मेक-इन-इंडिया” मुहीम चलाने वाली सरकार कंपनी की इस सोच के खिलाफ़ है, क्योंकि सरकार की “मेक-इन-इंडिया” मुहीम का मुख्य उद्देश्य ही है, स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देना |

Bloomberg के अनुसार, सरकार के नुमयिन्दों का ऐसा मानना है कि Apple को ऐसी कोई भी इजाज़त देने का मतलब है कि अन्य लोगों की ऐसी योजनाओं को भारतीय बाज़ार में प्रवेश का मौका देना |

लेकिन Bloomberg की रिपोर्ट में ख़ुफ़िया सूत्रों के अनुसार, यह पता लगा कि Apple की दूसरी याचिका में कंपनी ने यह आश्वासन दिया है कि अब भारत में ही विनिर्माण इकाई होने के कारण वह इन उपयोग किए जा चुके फ़ोनों की गुणवत्ता का पूरा ख्याल रख सकेंगें |

खैर ! अब देखना यह है कि क्या सरकार इसको लेकर Apple से सहमत होती है की नहीं ? ये तो वक़्त ही बताएगा |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन