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Zenimax Media को अब Occulus से चाहिये $4 बिलियन का हर्जाना

और दांव पे लगा दाम और भी ऊपर चढ़ गया है। कल के क्लोजिंग बयान में Occulus के विरुद्ध Zenimax Media का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने दूरी से हर्जाने का दाम बढ़ा कर $4 बिलियन कर देने का निवेदन किया।

ये, पहले मांगे गये $1 बिलियन से $3 बिलियन अधिक है, जो कि Zenimax, Occulus द्वारा अपने फ़्लैगशिप प्रोडक्टों की तकनीक चुराये जाने के आरोपों में वसूल करना चाहती है।

Zenimax का दावा है, कि Occulus ने उनकी वर्चुअल वास्तविकता डिवाइस की तकनीक चुका ली है। परंतु कंपनी को अब Facebook से जूझना है, जिन्होंने 2014 में Occulus को अधिग्रहित कर लिया था। ये केस अब अदालत में है और इसके लेकर पहले ही Facebook के सी.ई.ओ. मार्क ज़करबर्ग की गवाह के रूप में पेशी हो चुकी है। ये ज्ञात हो कि सूट में आये ज़करबर्ग ने किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी के आरोप को ग़लत बताया और कहा कि वे ये मुकदमा जीतने को लेकर निश्चिंत हैं।

केस की पिछली सुनवाई में, ZeniMax के वकील ऐंथनी सम्मी ने कहा था कि अदालत द्वारा जांच के मिनटों पहले ही कंपनी ने अपने सिस्टमों से वर्चुअल वास्तविकता की फ़ाइलें डिलीट कर दीं थीं। उन्होंने ये भी कहा था कि उसके समय के सी.ई.ओ. ब्रेंडन इर्बी और Facebook के सी.ई.ओ., मार्केटिंग ज़करबर्ग के बीच की वार्ता का कुछ हिस्सा ग़ायब है, जिससे कोई ग़लत काम होने का साफ़ अंदेशा दिख रहा है।

बहरहाल Occulus और Facebook, दोनों कंपनियों के ही वकीलों ने इस बात को झुठलाया है। ये बहुत ही मज़ेदार है, क्योंकि दोनों कंपनियों के वकीलों का ही ये रहना है कि ये मुकदमा, “वर्चुअल वास्तविकता बाज़ार की संभावनाओं को न परख पाने के कारण हुई शर्मिंदगी का नतीजा है”। और तो और वे ये भी कहते हैं कि जिस गुप्त जानकारी की बात ZeniMax कर रही है, वो पहले से ही Occulus और Facebook के पास उपलब्ध थे।

ख़ैर, दोनों ही कंपनियां इसमें अपनी हिस्सेदारी से इनकार रही हैं। और ZeniMax भी अड़ी हुई है कि ग़लती कंपनियों की ही थी। दूरी केे निर्णय से, एक सही साबित होगा और एक ग़लत। परंतु ये ज़रूर है कि अब बहुत कुछ दांव पर लगा है, हर्जाना $4 बिलियन हो जाने से, ये ZeniMax से अधिक Occulus को प्रभावित करेगा। परंतु अगर Occulus जीत गयी, तो वे Zenimax पर मानहानी का मुकदमा ज़रूर कर सकते हैं।

परंतु अगर Occulus हार जाती है, तो ये Occulus को ही नहीं, बल्कि पूरे वर्चुअल वास्तविकता के बाज़ार को बहुत प्रभावित करेगा, क्योंकि इस बाज़ार में Facebook का वर्चुअल वास्तविकता अंग एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान पर है। ये मुकदमा हारने पर न केवल उन्हें पैसे देने के कारण बहुत सा घाटा होगा, परंतु उन्हें अपनी बहुत सा तकनीक से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

जहां वर्चुअल वास्तविकता इतनी विकसित हो चुकी है कि किसी बड़े खिलाड़ी के रुकने पर भी वे रुकें नहीं, परंतु ये स्पष्ट है कि इसके कारण उन्हें परेशानियां तो आयेंगी। Occulus को Zenimax द्वारा उम्मीद किया जा रहा हर्जाना देने में परेशानी तो बहुत होगा। तो बहतर है कि वे Zenimax को किसी भी तरह ग़लत साबित करें।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन