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Ola और Uber चालकों ने आय संबंधी मुद्दे को लेकर की हड़ताल

कैब एकत्रकों के मध्य के प्रतिद्वंद का बुरा असर कैब चालकों पर पड़ता है। जमे हुए टर्माउट को लेकर, Ola और Uber के चालकों ने देश के प्रमुख शहरों में हड़ताल करी। इन शहरों में Ola का गृह नगर बैंगलोर, हैदराबाद, पुणे व अन्य शहरों शामिल हैं। साथ ही, अगर सत्रों की मानी जाये तो 26 जनवरी को पूरे देश में हड़ताल होगी।

इस हड़ताल के पीछे चालकों की सीमित कमाई कारण है, जो कि कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को छूट दिये जाने के कारण प्रभावित होती है। ये कंपनियां अपने पुराने उपभोक्ताओं को बिना वाहन के मालिक की सोचे भारी छूटें देती हैं। ऐसे में, जो भी बाकी के पैसे होते हैं वो चालक को ही अपने ऊपर लेने पड़ते है, जो कि उनकी छोटी सी आय को और भी छोटा कर देता है। ऐसा वे बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी बनायें रखने के लिये करते हैं।

और तो और, दोनों ही अपने प्रोडक्ट रेंज को विस्तृत कर के अपनी गाड़ियों की संख्या बढ़ा रहे हैं। इस हड़ताल के पक्ष में जो लोग हैं, वे विस्तार के विरुद्ध हैं और उनकी मांग है कि कंपनियां नये पंजीकरणों को रोक दें। अधिक कैबों की संख्या के कारण पुराने चालकों को बुकिंग नहीं मिलती है, जिससे वे दिन की औसत बुकिंगें भी पूरी नहीं रख पाते।

इस होड़ के चलते, ये कंपनियां चालक इंसेंटिवों को भूल ही गयी हैं, जो कि 20-25% तक घट गये हैं। चालकों का रहना है कि उनका काम अब शारीरिक और मानसिक, दोनों रूपों से थता देने वाला बन गया है। वहीं कुछ अन्य, UTOO जैसी नयी कंपनियों के साथ जुड़ने का विचार कर रहे हैं जो कि चालकों को गृह के इंसेंटिव भी दे रही है।

कम दाम और महंगे इंधन के कारण, इन चालकों की कमाई बहुत ही सीमित हो जाती है। ये पहली बार नहीं कि उन्होंने कंपनियों के विरुद्ध हड़ताल करी हो। कैब चालकों का रहना है कि तय हवाई अड्डे के आने व जाने के दामों और Ola SHARE पर बढ़ती बुकिंगें के कारण उनका मंच से भरोसा उठ गया। इससे पहले कुछ Ola व Uber चालक इसी मुद्दे को लेकर हैदराबाद में भूख हड़ताल पर जा चुके हैं।

भले ही Ola व Uber इनके साथ वाद विवुाद न करना चाहे, परंतु व्यापार जारी रखने के लिये उन्हें कोई कदम तो उठाना ही होगा।

The Tech Portal से बयान में Uber के एक वक्ता ने कहा:

हम बेंगलुरु में सभी के लिये यात्रा सुःखद बनाना चाहते हैं और कुछ लोगों के कारण हमारे चालक समाज और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी का हमें खेद है। हम अपनी ओर से प्रयास करते रहेंगे कि हमारे चालक साझेदारों को एक आय का स्थायी सूत्र मिला रहे और हमारे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और आसान तरीके से शहर में दूसरा जगहों पर जाने का।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन