स्टार्टअप्स

तकनीक की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में मुहैया होंगे रोजगार के अवसर, आईआईटी छात्रों की पहल

अकसर यह देखा गया है कि ग्रामीण इलाकों या ऐसे कई स्थानों पर लोग रोजगार की समस्या को लेकर काफ़ी व्यथित नज़र आते हैं | इसके कई कारण भी हैं, जैसे शहरों में उनके अनुरूप नौकरियों की पुख्ता जानकारी का आभाव, बिचौलियों का बोलबाला और नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी इत्यादि |

इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखतें हुए अब इनकों दूर करने के लिए तकनीक का सहारा लेने की पहल की गई है |

इसी के चलते आईआईटी गुवाहाटी तथा IIFT के छात्रों ने तकनीक का ऐसा समागम पेश किया है, जिसके चलते वह एप्लिकेशन के माध्यम से ऐसे इलाकों में तैनात अपने कुछ गैर-सरकारी संगठनों के सहयोगियों की सहायता से युवाओं की जानकारी संकलित कर, उन्हें उनके अनुरूप रोजगार दिलाने में मदद करतें हैं |

जी हाँ ! अप्रैल 2016 में शुरू हुआ, EezyNaukari नामक यह प्लेटफ़ॉर्म सूचना तकनीक का उपयोग कर, मुख्यतः मुख्य धारा से विघटित वर्ग को रोजगार दिलाने में उनकी मदद करता है |

अपने प्लेटफ़ॉर्म के बारे में बताते हुए,  EezyNaukari के संस्थापक और सीईओ, राहुल पटेल ने कहा,

 ” कई बार ऐसी समस्याएं सामने आती हैं, जब ब्लू कॉलर तथा ग्रे कॉलर स्तर के रोजगारों के लिए लाभार्थियों और नियोक्ताओं दोनों पक्षों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, इसमें से सबसे बड़ी दिक्कत है, सूचना का सही रूप से दोनों पक्षों तक न पहुँच पाना,

EezyNaukari नामक यह स्टार्टअप मुख्य रूप से सूचना के इसी अंतराल को भरने का दावा करता नज़र आता है, इसके माध्यम से लाभार्थी निःशुल्क ही उनके अनुरूप उपलब्ध रोजगार का पता लगा सकतें हैं, हालाँकि नियोक्ताओं को इसके लिए कुछ रक़म की आदएगी करनी होती है “

प्लेटफ़ॉर्म ख़ुद भी अपने सहयोगियों के माध्यम से युवाओं के साथ संपर्क कर, उनकी प्रोफाइल बना, जरूरतमंद नियोक्ताओं तक पहुँचातें हैं और इसके साथ ही साक्षात्कार समेटे अन्य चीज़ों का भी प्रबंध करते हैं |

अभी यह स्टार्टअप मुख्यतः उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आयर दिल्ली-एनसीआर के क़रीब 15 ज़िलों में कार्यरत है | जहाँ एक तरफ़ नियोक्ताओं के रूप में इसमें Genpact, OYO Rooms और Portea जैसी कंपनियाँ शुमार हैं, वहीं यह प्लेटफ़ॉर्म अभी तक 600 से 700 युवाओं को रोजगार दिला चुकने का दावा करता है |

अब देखना यह है कि भारत में एक बड़े बेरोजगार वर्ग की मदद के मकसद से बना यह प्लेटफ़ॉर्म आख़िर किस हद तक सफ़लता अर्जित कर पाता है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन