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एक ही रॉकेट से ‘83 उपग्रहों’ का प्रक्षेपण कर, विश्व रिकॉर्ड बनाएगा “इसरो” :(2017)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आगामी 2017 में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है | 83 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित कर इसका लक्ष्य विश्व रिकॉर्ड बनाने का है | इनमें 3 भारतीय और 80 विदेशी उपग्रह शामिल होंगे, जो एक PSLV-C37 रॉकेट की सहायता से, संभवतः जनवरी 2017 तक प्रक्षेपित कियें जायेंगे |

विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण, इसरो द्वारा किए गये व्यावसायिक समझौते हा हिस्सा है, जिनमें Antrix Corporation Limited इत्यादि शामिल हैं |

80 विदेशी उपग्रहों का कुल वजन 500 किलोग्राम होगा, जो की इजरायल, कजाकिस्तान, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे पाँच देशों से संबंधित है | जबकि 3 भारतीय उपग्रहों में 730 किलो प्राथमिक पेलोड वाला, ‘Cartosat-2’ और 30 किलो वजन के रूप में, ‘INS-IA’ और ‘INS-1B’ शामिल है |

प्रस्तावित मिशन के लिए सबसे बड़ी चुनौती, एक ही कक्षा में रॉकेट को सभी उपग्रहों के अलग होने तक बनाये रखने की होगी | इसके साथ सभी 83 उपग्रहों को एक ही कक्षा में डाल दिया जाएगा |

Sputnik International के अनुसार, Antrix Corporation ने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 34.5 मिलियन डॉलर का राजस्व कमाया था | जिसमें 0.6 प्रतिशत हिस्सा, वैश्विक प्रक्षेपण सेवाओं का रहा |

इसरो के लिय कई उपग्रहों का साथ में प्रक्षेपण कोई नई बात नहीं है | इसके पहले भी एक एकल मिशन में इसरो ने 20 उपग्रहों को एक साथ लॉन्च किया था |

अब इस मिशन के साथ देखना यह है कि इसरो वैश्विक स्तर पर भारत की छवि में और कितने कीर्तिमान जोड़ पाता है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन