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Facebook ने किए कुछ अहम बदलाव

प्रचारकों को मेट्रिक दिखाने के तरीके पर निंदा झेलने के बाद, Facebook अब इसे सुधारने का प्रायस कर रही है। कंपनी ने कुछ नये सुधारों की घोषणा करी है, जो कि ऐडों के लिये दर्शक संख्या के अनुमान, लाइव विडियो के लिये प्रतिक्रिया, और लाइक और शेयर बटनों को लेकर प्रचारकों को मेट्रिक दिखायेगा।

2016 में, पहले ये ख़बर आयी थी कि Facebook के मेट्रिक असल संख्या से बहुत ही हिल रहे थे। जैसा कि उम्मीद थी, इसपर बहुत हंगामा हुआ और प्रचारकों में ये जान कर बहुत आक्रोश था कि उनको बताये जा रहे अंक बढ़ा चढ़ा कर दिये गये हैं। उसके बाद, एक और परेशानी खड़ी हो गयी, जब कंपनी पर ये इल्ज़ाम लगा कि उनके मंच पर आयी नकली ख़बर ने चुनावों के परिणामों को प्रभावित कर दिया।

तभी से, कंपनी परेशानियों को दूर करने के प्रयास में है। इसके लिये, कंपनी ने एक अपडेट की घोषणा करी है, जो कि मेट्रिक सही कर के दिखायेगा। आइये इसपर एक नज़र डालते हैं।

अनुमानित पहुंच पता लगाने के तरीके में सुधार

जब भी पबलिशर Facebook पर कुछ डालना चाहते हैं, तो उन्हें ‘अनुमानित पहुंच’ नाम का एक विकल्प भी मिलता है। तो दरसल ये उन लोगों की संख्या है, जिन तक Facebook के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। Facebook अब इस क्षेत्र में सुधार कर रही है, जिससे कि ये अंक सच्चाई के और करीब रहे।

प्रचारकों को ये जानने में सहायता करने के लिये कि वे हमारे मंच पर डाले गये ऐड के ज़रिये कितने लोगों तक पहुंच सकते हैं, हम अनुमानित पहुंच में दिखने वाले अंकों की गणना करने के तरीके को अपडेट कर रहे हैं।

कंपनी अपने सैंपल करने और अंकों को अधिक पॉलिश करने के तरीके को बहतर बना रहे हैं। इससे केंद्रित दर्शकों तक पहुंचने के लिये पबलिशरों को सही अनुमान मिलेंगे। Facebook को उम्मीद है कि इसके ज़रिये वो पबलिशरों को ये भी बता सकेंगे कि वो Facebook, Instagram और Audience Network के ज़रिये कुल कितने लोगों तक पहुंच रहे हैं। परंतु यहां पर ग़लती का मार्जिन कम था तो इसमें बदलाव बहुत ही कम आने की संभावना है।

अधिकतम केसों में, प्रचारकों को टूल के दर्शक के साइज़ों में 10% का बदलाव दिखेगा (कम या अधिक)।

पेज इंसाइट में लाइव विडियो मेट्रिक

ठीक है, तो ये एक और क्षेत्र था जहां संभवतः Facebook ग़लती कर रही थी। लाइव विडियो पोस्ट इस समय बहुत प्रचलित हैं और विडियो चलते हुए उसके प्रती प्रतिक्रिया वहीं दी जा सकती है। तो, ग़लती ये थी कि एक ही पोस्ट पर एक ही व्यक्ति कई अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे सकता था, क्योंकि वो विडियो देखते समय हर क्षण पर अलग प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

परंतु पोस्ट इंसाइट्स में हम हर एक उपभोक्ता की एक ही प्रतिक्रिया दिखाते हैं। हमने हर उपभोक्ता के पोस्ट पर प्रतिक्रिया को ग़लती से ‘पोस्ट पर रिऐक्शन’ की जगह ‘पोस्ट के शेयर पर रिऐक्शन’ श्रेणी में डाल दिया।

कंपनी इसे सही श्रेणी में डालने की सुधार भी कर रही है। Facebook का मानना है कि इससे पोस्ट पर प्रतिक्रिया में 500% वृद्धी और पोस्ट के शेयर पर प्रतिक्रिया पर 25% की गिरावट देखी जायेगी।

Facebook लाइक, शेयर व मोबाइल खोज में परेशानी

अंततः, कंपनी ने पोस्टों के लाइकों व शेयरों की संख्या में आ रहे अंतर को सुधारने का भी प्रयास किया है। कोई भी पोस्ट Facebook के Graph API पर खोलने में और URL को खोज बॉक्स में डालने पर लाइकों व शेयरों की संख्या में अंतर आ रहा है। कंपनी ये जानने का प्रयास भी कर रही है कि ऐसा क्यों होता है और फिर इसका निदान करने का भी।

हम ये पता लगाने के प्रयास कर रहे हैं कि URL को खोज बॉक्स में डालने से कुछ केसों में संख्या कम या अधिक क्यों हो जाती है। हम इस परेशानी को भी हल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कि लाइक और शेयर बटन के मेट्रिक और मोबाइल के मेट्रिक आपस में मेल खायें और आसा होते ही हम अपने साझेदारों को सूचित कर देंगे।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन