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ResourceSat-2A उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के साथ, ISRO का एक और कीर्तिमान

आज श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से First Launch Pad (FLP) के तहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने दूरसंवेदी उपग्रह RESOURCESAT-2A के साथ PSLV-C36 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया |

इसके कक्षा में तैनात होने के साथ ही, सौर पैनलों को भी अपेक्षित तरीके से स्थापित कर दिया गया है, और पहली बार किसी रॉकेट के ऊपर लगे पाँच कैमरों के जरिये, यह सब देखा जा सका है |

यह PSLV-C36 का 38 वां लॉन्च रहा, जो की इस बार रॉकेट बूस्टर के एक्स्ट्रा लार्ज संस्करण में छः अतिरिक्त मोटर्स के साथ पूर्ण किया गया | हालांकि इस बार यह सिर्फ़ RESOURCESAT-2A उपग्रह से ही लैस था, जिसका 1235 किलो था और साथ ही यह ध्रुवीय सूर्य समकालिक कक्षा (एसएसओ) में 817 किलोमीटर पर स्थापित की गई |

लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, इसरो के चेयरमैन, ए.एस. किरण कुमार ने कहा,

“ आज हमनें Resourcesat-2A का सफल प्रक्षेपण किया, जो कि हमें तीन स्तरीय इमेजिंग डेटा उपलब्ध कराएगा, उपग्रह द्वारा सौर पैनलों को तैनात कर दिया गया है और यह प्रक्षेपण पूरी तरह से सफ़ल रहा है ”

इस Resourcesat-2A मिशन को इसके पहले 2011 के ResourceSat-2 मिशन की ही अगली कड़ी बताया गया है | साथ ही पहले मिशन की ही तर्ज़ पर इसका भी प्राथमिक उद्देश्य, वैश्विक उपयोगकर्ताओं को अगले पाँच सालों तक, रिमोट सेंसिंग डाटा सेवाओं (पृथ्वी का अवलोकन) को प्रदान करना ही होगा | उपग्रह पर तैनात तीन पेलोड भी पहले मिशन में इस्तेमाल पेलोड के समान ही हैं |

पेलोड के बारे में विस्तार से बात करें तो पहला पेलोड एक 5.8 मीटर स्थानिक संकल्प और 26 डिग्री घ्रुरण क्षमता वाला, Linear Imaging Self Scanner (LISS-4) कैमरा है | वहीं दूसरा 23.5 मीटर स्थानिक संकल्प वाला LISS-3 कैमरा और तीसरा 56 मीटर स्थानिक संकल्प के साथ उन्नत वाइड फील्ड सेंसर (AWiFS) कैमरा है | यह सभी Visible और Near-Infrared Region (VNIR) में कार्य करने के उद्देश्य से बनाये गयें हैं |

इसके अलावा, इस मिशन में इसरो के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित, पेलोडों का परीक्षण भी शामिल था |  इन नई प्रौद्योगिकियों के तहत, एक जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली, microelectromechanical सेंसर आदि को भी शामिल किया गया, ताकि भविष्य में प्रक्षेपण मिशन की सटीकता को बेहतर किया जा सकें |

इसी के साथ हम बस इसरो को उनकी एक और कामयाबी के लिए बधाई देते हुए, उनके अगले मिशनों के लिए शुभकामनाएं देना चाहेंगे, और यह कामना करेंगे की इसरो आगे भी देश और देशवासियों को गर्वान्वित करता रहे |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन