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Snapchat के Discover जैसे फ़ीचर पर, काम कर रहा है Facebook

Instagram पर अक्सर Snapchat के फ़ीचरों की नक़ल उतारने का इल्ज़ाम लगता रहा है। परंतु हमने रिपोर्टें सुनी हैं, जिनके अनुसार, ये संभव है कि Facebook भी Snapchat के Discover फ़ीचर की नकल उतारने का प्रयास कर रहा है। Business Insider की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Facebook ऐसी मीडिया व मनोरंजन कंपनियों को अप्रोच कर रहा है, जो इस फ़ीचर में शामिल होने के इच्छुक हो सकते हैं।

इस पर आगे चर्चा करने से पहले, हम जल्दी से आपको Snapchat Discover की थोड़ी सी जानकारी दे देते हैं। अगर आपको पता न हो तो हम आपको बता दें कि Snapchat Discover लोगों को अपने मंच पर नया कंटेंट ढूंढ़ने में सहायता करता है। उपभोक्ताओं को नया कंटेंट उपलब्ध कराने के अलावा, ये फ़ीचर माडिया/कहानी चैनल में स्पॉन्सरों के ऐड देकर, Snapdeal को रेवेन्यू का नया स्त्रोत भी देता है।

Facebook की बात करें, तो ये नया फ़ीचर “Collections” कहलायेगा। ये न्यूज़ फ़ीड का ही हिस्सा होगा और बिल्कुल Instant Articles जैसा होगा।

अब क्योंकि Facebook ने आइडिया के लिये ‘Discover’ से प्रेरणा ली है, यो उम्मीद करी जा सकती है कि वे प्रयोग में भी उसी से प्रेरणा लेंगे। Snapchat Discover फ़ीचर को अपनी ऐप में बहुत महत्वपूर्ण जगह देते हैं, और हां, अपने साझेदारों के कंटेंट को ऐसे कंटेंट के बीच में डाल देते हैं, जिन्हें उनके उपभोक्ता बहुत पसंद करें। तो Snapchat के उपभोक्ताओं को एक कॉकटेल मिलती है, जहां वो अपने कंटेंट के साथ प्राचरों का भी लुत्फ़ उठाते हैं।

Facebook भी यही तरीका अपना सकती है, या फिर किसी और रास्ते जा सकती है। परंतु, अगर Facebook भी उसी रास्ते जाती है तो तुलना में उनका पैमाना बहुत बड़ा होगा। Facebook की पहुंच बहुत अधिक है और Collections (या जो भी इसका नाम हो), Facebook के लिये रेवेन्यू का बहुत बड़ा स्त्रोत बनेगा।

इसकी जानकारी बहुत ही स्पष्ट नहीं है, परंतु ऐसा लगता है कि कलेक्शन के साझेदारों द्वारा एकत्रित किये गये कंटेंट को सीधे Facebook की न्यूज़ फ़ीड में डाल दिया जायेगा।

ये न केवल इसपर नियंत्रण रखेंगे कि स्पॉन्सर किया कंटेंट कैसे Facebook के 1.8 बिलियन उपभोक्ताओं तक पहुंचाकर लाइक बटोरेंगे, परंतु उन्हें इसपर भी नियंत्रण करने मिलता है कि उनके साझेदार कैसे केंटेंट को उपभोक्ताओं तक भेज रहे हैं। और Facebook को नियंत्रण की बहुत ज़रूरत है, वो भी हाल ही में चुनावों के दौरान हुए बवाल के बाद तो और भी।

खैर, देखते हैं कि ये कैसे बदलता है और क्या Facebook इसके लिये कोई घोषणा करती है या नहीं। हम आपको अपडेट रखेंगे।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन