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Flipkart का मूल्यांकन फ़िर घटा, Vanguard ने शेयर के दाम को एक-तिहाई घटाया

Flipkart की ब्रांड इमेज को और भी घटाते हुए, एक और निवेशक ने उनके मूल्यांकन घटा दिया है। ये Morgan Stanley के मार्कडाउन के कुछ दिनों के अंदर ही हुआ है, जिसके बाद, देश की पहली यूनीकॉर्न कंपनी का मूल्यांकन $15 मिलियन से $5.54 मिलियन रह गया है, जिसपर कंपनी को असल में निवेश मिला भी था।

US स्थित निवेश कंपनी Vanguard ने एक वर्ष में तीसरी बार Flipkart में अपने शेयरों की कीमत घटा दी है। इस मार्कडाउन की अगुवाई Vanguard Variable Insurance Fund ने करी, जिन्होंने जी व एच सत्रों में कंपनी में निवेश किया था। उन्होंने इस कंपनी के करीब 53,619 शेयर खरीदे थे।

इस जानकारी को फ़ंड द्वारा US SEC को दी गयी डॉक्युमेंटों से प्राप्त किया गया है। पूरी जानकारी के अनुसार, इस निवेश फ़ंड ने Flipkart के शेयरों के दाम को 33% तक कम कर दिया है। उससे, 16 जून को खत्म हुई तिमाही के समय Flipkart की $102.6 प्रति शेयर की वैल्यू 16 सितंबर को खत्म हुई तिमाही के दौरान, घट कर $68.9 प्रति शेयर रह गयी है। इससे, इस ई-कॉमर्स कंपनी की Vanguard द्वारा की गयी वैल्युएशन $11.4 बिलियन से घट कर $7.6 बिलियन रह गयी है।

इससे पहले, इस निवेश फ़र्म ने Flipkart में अपने निवेश का मार्कडाउन कर उसे 25% घटा दिया था। ई-कॉमर्स कंपनी को Valic व Fidelity ने मार्क अप किया था, परंतु अब वो ट्रेंड भी बदल गया है और उसे विशाल मार्कडाउनों में बदल दिया गया है। और विशाल से हमारा मतलब है बहुत ही विशाल। ये नया वैल्युएशन फिर भी Morgan Stanley की वैल्युएशन से बहुत ही अधिक है, जो कि कंपनी की इमेज खराब करने का हर संभव प्रयास कर रही है।

मार्कडाउनों पर बयान देते हुए, Flipkart के एक वक्ता ने कहा:

” म्यूचुअल फ़ंडों का मार्क से मार्केट एक बहुत ही किताबी कार्य है और किसी भी असल ट्रांज़ैक्शन से इसका कोई लेना-देना नहीं है। हम अपने व्यापार व ऑपरेशन में बहतरीन ट्रैक्शन देख रहे हैं। हम अभी भी उपभोक्ता के लिये बाज़ार बनाने और लॉन्ग टर्म गोल स्थापित करने के पक्ष में हैं “

भले ही इससे पहले Flipkart को कई बार वैल्युएशन के मार्कडाउन से गुज़रना पड़ा हो, परंतु ये कट बहुत ही महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इस समय कंपनी नये निवेश सत्र के ज़रिये निवेश जुटाने का विचार कर रही है। इस नवीनतम व विशाल कट के कारण, कंपनी की कॉर्पोरेट इमेज को बहुत ठेस पहुंची है, जिन्होंने हाल ही में निवेश के लिये WalMart से चर्चा करी थी।

ये ख़बर भी तब आयी है, जब Flipkart ने देश में सभी ई-कंमर्स कंपनियों के मुकाबले सबसे अधिक हानी प्राप्त करने की घोषणा करी। कंपनी को ₹2,306 करोड़ का घाटा हुआ है, जिसमें एक वित्त वर्ष के अंदर करीब 110% की बढ़ंत है। साथ ही, कुछ ऐसी भी रिपोर्टें हैं, जिनके अनुसार, Amazon भारत ने Flipkart Internet को इस तिमाही की कुल बिक्री में पछाड़ दिया है।

परंतु सरकार के विमुद्रिकरण ने भी सेल में धीमापन लाकर कंपनी की सहायता करी है। इनके प्रत्द्वंदियों, Amazon, PayTM व अन्य भी इससे प्रभावित हुए, परंतु नये उपायों के साथ आकर, उन्होंने Freecharge व Snapdeal की Wallet on Delivery सेवा जैसी सेवाओं की सहायता से अपनी परेशानी दूर कर ली।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन