खबर स्टार्टअप्स

पांच साल के लंबे कार्यकाल के बाद Meru Cabs के सीईओ, सिद्धार्थ पाहवा का इस्तीफा

भारतीय टैक्सी सेवाओं में Ola और Uber की मौजूदगी की वजह से, पहले से ही पीड़ित Meru Cabs को एक और झटका लगा है | इनकी परेशानियाँ बढ़ाते हुए, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सिद्धार्थ पाहवा ने अपने पांच साल के लंबे कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया |

व्यक्तिगत कारणों और बेहतर अवसरों की तलाश की वजह से इस्तीफा देने वाले पाहवा ने अपनी जिम्मेदारियों को मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, नीलेश संगोई के योग्य हाथों में सौंपा है | वह दिसंबर, 2016 से अपनी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करते नज़र आ सकतें हैं |

अपने इस्तीफ़े पर टिप्पणी करते हुए, पाहवा ने कहा,

“ मैंने Meru में अपने सुनहरे पाँच साल गुजारे, और अब यह स्थिर संगठन है और इसका लाभ लगातार बढ़ रहा है, मेरे मन में अब कुछ नए उद्यम विचार हैं, और थोड़े आराम के बाद, मैं जल्द ही उनको लेकर आगे काम करूंगा ”  

उन्होंने आज सुबह ही देश के इस पुराने और बड़े टैक्सी सेवा प्रदाता के साथ काम के अपने अनुभवों को ट्वीट के जरिये जाहिर किया,

Meru Cabs, 2007 में नीरज गुप्ता के द्वारा स्थापित की गई थी | यह परिसंपत्ति प्रधान, कॉल सेंटर आधारित टैक्सी बुकिंग कंपनी के रूप में संचालित की जा रही थी | लेकिन बाद में Meru के काम करने के तरीकों में कई शानदार बदलाव देखने को मिले |

यह परिवर्तन सिद्धार्थ पाहवा के कंपनी में शामिल होने के बाद ही आये, जो की इससे पहले भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी, Abbot Healthcare में आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे |

वह एकमात्र व्यक्ति ही इस टैक्सी एकत्रीकरण कंपनी के मौजूदा चेहरे के लिए जिम्मेदार हैं | 2011 में उन्होंने ही, कंपनी के कॉल सेंटर दृष्टिकोण के साथ, मोबाइल एप्लिकेशन की सुविधा का आगाज़ करने के लिए क़दम उठाया था |

Meru अभी भी देश में तीसरी सबसे बड़ी टैक्सी सेवा प्रदाता है, जिसकी ब्रांड कैपिटल हाल ही में अनुमानित रूप से 25 मिलियन डॉलर की है |

हाल ही में ही कंपनी ने संचालन के कुल 24 शहरों में से 5 को लाभदायक घोषित किया है | इसके साथ ही कंपनी आने वाले 12 से 18 महीनों में, 15 नए शहरों में अपनी सेवा का विस्तार कर सकती है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन