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SEBI ने एंजल निवेशकों के लिये निवश नियम करे आसान

भारतीय बाज़ार नियंत्रक SEBI ने उभरते व्यापारों में निवेश करने के लिये एंजल निवेशकों को फ़ंड व निवेश प्रकार के नियमों में और ढील दी है। भारतीय नियंत्रक ने समय के अनुसार इन नियमों में बदलाव लाये हैं, जिससे भारतीय एंजल निवेशक भारतीय व विदेशी, दोनों कंपनियों में अपने अनुसार निवेश कर सकें।

एक कंपनी में निवेश कर सकने वाले निवेशकों की संख्या 40 से बढ़ा कर सीधे 200 कर दी गयी है। इसका मतलब ये कि एक ही कंपनी में अब अनेक निवेशक भी हिस्सा लेकर उसे बैक कर सकते हैं। भारतीय सुरक्षा व एक्स्चेंज बोर्ड ने पुरानी ₹5 मिलियन की निवेश सीमा को घटा कर ₹2.5 मिलियन भी किया।

जो विदेशी कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, उन एंजल निवेशकों के लिये भी SEBI ने नये नियम लाये, जिनके तहत, वे अपने निवेश फ़ंडों का 25% विदेशी कंपनियों में लगा सकते हैं।

SEBI ने एंजल निवेशकों के लिये तीन वर्ष से पुराने स्टार्टपों में निवेश न कर सकने वाली सीमा को बदल कर उसे 5 वर्ष कर दिया।

लॉक-इन समयवधि को भी तीन से एक वर्ष कर दिया गया है। ये नियम एक निवेशक तो बहुत ही सराहेंगे, जिन्होंने इस नियम के आगमन के समय 2013 में SEBI की निंदा करी थी।

जब SEBI ने लॉक-इन समयवधि के नियम की घोषणा करी थी, तब भारतीय एंजल नेट्वर्क ने संभवतः सबसे पहले कहा थी कि ये लॉक-इन समयवधि लचीली होनी चाहिये। IAN ने कहा था कि किसी भी कंपनी से हटने का निर्णय मात्र निवेशक का होना चाहिये और वो भी कंपनी की ज़रूरत के अनुसार, जिसमें सरकार का हस्ताक्षेप नहीं हो।

लॉक-इन समयवधि को एक वर्ष करने के निर्णय को निवेशक संभवतः बहुत सराहेंगे। जहां एक वर्ष की समयवधि इतनी लचीली नहीं, निवेशक अपने निवेश को फलने के लिये कम से कम एक वर्ष तो स्थायी छोड़ते ही हैं, जिसके बाद ही वे रुकने या जाने का निर्णय लेते हैं।

अंत में, SEBI के नये नियमों के अनुसार, निजी एक्विटी फंडों की लिस्ट की गयी कंपनियों को कार्य आधारित पूर्ती अग्रीमेंटों में जाने के लिये शेयरहोल्डरों का अनुमती लेनी होगी। इससे, उच्च अधिकारियों द्वारा कंपनी से खींचे जा रहे बोनसों पर भी प्रभाव पड़ेगा।

जहां SEBI के नये नियम निवेशकों के लिये बहुत अच्छे हैं, हमे तो बस यही उम्मीद है कि नीची सीमाएं और तेज़ निकासियों से, भारतीय स्टार्टप ईकोसिस्टम को पुनर्जीवन मिले।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन