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‘बिल गेट्स’ ने ‘मोदी’ के क़दम की तारीफ़ करते हुए कही अपने “मन की बात”

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi with Co-Chairman of the Bill & Melinda Gates Foundation, Bill Gates during a meeting in New Delhi on Wednesday. PTI Photo/ PIB(PTI11_16_2016_000338A)

काले धन को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में किए गये प्रयासों को लेकर देश में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है | काले धन की समस्याओं का हवाला देते हुए, जहाँ एक तरफ़ एक बड़ा वर्ग मोदी जी के साथ खड़ा नज़र आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ लोग इस फ़ैसले को जल्दबाज़ी में अमल में लाया गया फ़ैसला भी बता रहें हैं |

लेकिन अब पुरानी मुद्रा के विमुद्रीकरण की इस नीति का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्मजोशी से स्वागत किया जा रहा है | इसी श्रृंखला में आज Microsoft के के संस्थापक बिल गेट्स भी इस क़दम के प्रशंसकों की सूची में शामिल हो गयें हैं |

‘NITI-Lectures series: Transforming India’ पर भाषण देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट की उपस्थिति में, श्री गेट्स ने इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए |

श्री गेट्स के अनुसार, पुरानी मुद्रा के विमुद्रीकरण और उन्हें नए नोटों के साथ बदलने के इस कदम के जरिये सुधार प्रक्रिया को नाटकीय रूप से बढ़ावा मिलेगा और साथ ही यह क़दम लोगों द्वारा गैर-क़ानूनी ढंग से छिपाए धन को भी सामने लाने में मदद करेगा | यह अवैध आर्थिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण क़दम की तरह देखा जाना चाहिए |

यह क़दम इस वजह से भी बड़ा बन जाता है, क्योंकि कई व्यापक रूप से भिन्न अनुमानों के मुताबिक, भारत की ग़ैर-क़ानूनी अर्थव्यवस्था करीबन अरबों रूपये की है, और देश के विकास के लिए इसका खत्म अत्यंत आवश्यक है |

बिल गेट्स ने यह भी कहा कि इस विमुद्रीकरण के कदम से ‘कैशलेस सिस्टम’ को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी | 500 औए 1000 के नोटों पर लगे प्रतिबंध के बाद, Paytm और अन्य ऐसे सेवा प्रदाताओं के द्वारा एक अच्छी रिपोर्ट सामने लाने से, बिल गेट्स के इस कथन के सबूत भी हमें देखने को मिलतें हैं |

श्री गेट्स का मानना है कि भारत संभवत: दुनिया में डिजीटल अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन सकता है और न सिर्फ़ उपभोक्ताओं की संख्या के मामले में, बल्कि उनके प्रतिशत आधार के रूप में भी |

दुनिया भारत के तरफ बस अपनी समस्याओं को हल करने के लिए ही नहीं, बल्कि नवाचार के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए लिए भी देखती है |

आधार, स्टार्टअप इंडिया और स्वच्छ भारत की पहल को लेकर सरकार की अत्यधिक सराहना करने के साथ ही, बिल गेट्स ने बुनियादी ढांचों, अधिक कुशल बाज़ार भवन, शुल्कों और करों को व्यवस्थित बनाने की दिशा में संसाधनों और प्रयासों का निवेश करने के लिए सरकार की सराहना भी की है |

माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक ने अंत में यह कहते हुए अपने भाषण का अंत किया,

“ये है मेरे मन की बात”

बिल गेट्स की तरह एक दूरदर्शी के अनुमोदन निश्चित रूप से बहुत मायने रखते हैं | हालांकि, वह अकेले नहीं हैं, चीनी समाचार पत्र सहित अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी मोदी सरकार के इस कदम की प्रशंसा की है | अब देखना ये है कि इस क़दम के माध्यम से भारत अपनी आर्थिक और वैश्विक नीतियों में कितना विकास कर पाता है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन