खबर

पूर्व टाटा सन्स चेयरमैन सायरस मिस्त्री TCS से भी निष्कासित

इधर बीच Tata Group कुछ कठिन समय से गुज़र रहा था। परंतु कुछ उम्मीदें थीं कि यदि रतन टाटा Tata Sons में वापस आ जायें तो कंपनी के भी अच्छे दिन आ जायेंगे। परंतु इस समय भी परेशानियां दूर होती नहीं दिख रही हैं। गुरुवार को, Tata Consultancy Services (TCS) ने सायरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से निष्कसित कर दिया और उनकी जगह इशात हुस्सैन को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया है।

ये कदम मिस्त्री के Tata Sons के चेयरमैन के पद से निष्कासित करने के एक महीने के अंदर ही आ गया है, जो कि मिस्त्री, कुछ निदेशकों और प्रमुख शेयरहोल्डरों के बीच आये मतभेद के बाद हुआ। परंतु उन्हें Tata की अनेक कंपनियों का प्रमुख बने रहने दिया गया जैसे कि – भारतीय होटल, Tata Steel, Tata Motors व Tata Chemicals।

मिस्त्री Tata Group की फ़्लैगशिप कंपनी TCS के भी चेयरमैन थे, जिन्होंने गुरुवार को उन्हें इशात हुसैन से बदलने का निर्णय ले लिया। कंपनी ने कहा कि उन्हें Tata Sons के एक प्रमुख शेयरहोल्डर से पत्र मिला था, जिन्होंने मिस्त्री को बरखास्त कर उनकी जगह कंपनी के पुराने कर्मचारी इशात हुस्सैन को वो पद देने के लिये कहा था। IT फ़र्म, जो कि इस समय पैसे कमा कर दूसरी Tata कंपनियों द्वारा लाये गये घाटे को पाट रहा है, ने इस बात की पुष्टी एक बयान में करी:

“इसी को मद्देनज़र रखते हुए, मिस्त्री अब कंपनी के निदेशक बोर्ड के चेयरमैन नहीं रहे हैं और हुस्सैन अब कंपनी के नये चेयरमैन हैं।”

Tata Sons इस समय TCS के 70% के मालिक हैं, और ये कंपनी Tata समूह की बहुत ही महत्वपूर्ण कंपनी है और उनके रेवेन्यू का प्रमुख स्त्रोत है। ये सच में बहुत ही महत्वपूर्ण कंपनी है और मिस्त्री के इसकी चेयरमैनशिप से निकाले जाने के मिस्त्री कैंप को बहुत बड़ा झटका लगा होगा। ये स्पष्ट सा दिख रहा है कि Tata Sons मिस्त्री से केंद्रीय स्थान लेने के लिये तैयार है। संभव है कि वे अनिय कंपनियां, जिनके मिस्त्री चेयरमैन हैं, भी TCS के नक्शे कदम पर चलते हुए मिस्त्री से खुद को अलग कर लें।

उदाहरण के रूप में, Tata Group की एक कंपनी, Indian Hotels Co., जो कि Taj होटलों को चलाते हैं, ने भी गुरुवार को मिस्त्री को निदेशक पद से हटाने के लिये सिटेकहोल्डरों की एक मीटिंग बुलायी थी।

परंतु टाटा व मिस्त्री गुटों के बीच प्रतुद्वंद तेज़ी से बढ़ सकता है।

अभी तक जो हमने देखा है, उससे हम ये कह सकते हैं कि Tata Sons मिस्त्री से अन्क कंपनियां लेने का प्रयास भी कर सकते हैं। परंतु पूर्व Tata Sons चेयरमैन हर बार इतनी आयानी से नहीं जाने वाले हैं। जहां Tata Power और TCS में प्रमुख शेयरहोल्डर अपना चेयरमैन नामित कर सकते हैं, अन्य कंपनियों से मिस्त्री को हटाने के लिये बोर्ड की मीटिंगों की ज़रूरत पड़ेगी।

जहां TCS में Tata Sons के पास 70% स्टेक है, अन्य कंपनियों में, जहां मिस्त्री के पास ताक़त है, टाटा इतना मालकाना हक नहीं दिखा सकती। बहरहाल, जैसे जैसे भारत की सम्मीनित कंपनी अपने अंदरूनी मसले सुलझाने का प्रयास करती है, प्रयास व गंदगी के बढ़ने के पूरे आसार हैं।

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन