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जानिये ‘भारत’ के लिए क्या मायने रखती है, ‘Donald Trump’ की जीत ?

सभी बाधाओं, चुनाव, और अनुमानों के खिलाफ डोनाल्ड ट्रम्प, राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज़ करने में सफ़ल रहे | इन रिपब्लिकन उम्मीदवार के लिए यह एक अप्रत्याशित परिणाम है | अरबपति और लोकलुभावन, डोनाल्ड ट्रम्प की इस जीत ने दुनिया भर को मानो चौंका सा दिया है |

इस ऐतिहासिक अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हिलेरी क्लिंटन को एक अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा है, जिनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी | 69 वर्षीय डेमोक्रेटिक उम्मीदवार और पूर्व प्रथम महिला, सीनेटर और राज्य सचिव, हिलेरी क्लिंटन को आज सुबह से ही अपने विरुद्ध परिणामों का सामना करना पड़ रहा था |

डोनाल्ड ट्रम्प के चुने जाने के साथ ही विदेश और व्यापार नीति में परिवर्तन की अनिश्चितता विशेष रूप से सामने आती है, क्योंकि राष्ट्रपति पद के अभियान का मुख्य केंद्र, ‘अमेरिकन सपने और गर्व’ को वापस हासिल करने का था |

खबरों में यह भी उजागर किया है कि कैसे ट्रम्प ‘उत्तर अटलांटिक मुक्त व्यापार समझौता’ (नाफ्टा) जैसी बहुराष्ट्रीय संधियों पर फिर से बातचीत करने के प्रस्ताव के पक्ष में हैं | साथ ही उन्होंने चीन और भारत जैसे देशों पर अमेरिका के रोजगार छिनने का आरोप भी लगाया था | और अगर उनकी यही सोच जारी रही, तो इसका सीधा असर  भारतीय छात्रों और आईटी कामगारों की अमेरिका में रोजगार की तलाश पर सीधा असर पड़ सकता है |

वहीं दूसरी तरफ यह परिणाम, भारतीय तकनीक उद्योग के लिए स्पष्ट रूप से cloud, social media, big data, analytics, artificial intelligence और समग्र उभरते क्षेत्रों में व्यापार की गतिशीलता में बदलाव का सुनहरा मौका भी माना जा रहा है | जबकि व्यापार के महत्वपूर्ण हिस्से, प्रौद्योगिकी सेवाओं और आउटसोर्सिंग के मामले में भी अमेरिकी बाजारों से आने वाली सुविधाओं पर भी सीधा असर देखा जा सकेगा |

भारत के लिए महत्वपूर्ण बिंदु,

  • अमेरिका से उम्मीदों के तहत व्यापक मदद से, भारत के फार्मा सेक्टर द्वारा, चीन के व्यापार पर कब्जा करने की संभावनाओं में वृद्धि होगी |
  • छोटे और बड़े भारतीय कारोबार के लिए अमेरिका में निवेश के अवसरों में वृद्धि की संभावनाए हैं |
  • ट्रम्प की बोली से वह हमेशा, आईएसआईएस और आतंक निर्यात देशों के खिलाफ नज़र आतें हैं, जो की भारत के लिए लाभप्रद साबित हो सकता है |
  • ओएनजीसी सहित भारतीय तेल कंपनियों के लिए बड़े पैमाने पर व्यापार के अवसरों में वृद्धि हो सकती है |

भारत के विपक्ष की चीज़ें,

  • शीर्ष भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका में काम करने की अनुमति मिलने में मुश्किल हो सकती है |
  • डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कॉर्पोरेट कर दरों को 15% तक कम करना, कई भारतीय कम्पनियों को अमेरिका में व्यापार करने के लिए आकर्षित कर सकता है |
  • Obamacare को बंद करना भी भारतीय दवा क्षेत्र के लिए एक झटका होगा |

हालांकि देखने वाली बात यह होगी कि अब डोनाल्ड ट्रम्प, मुद्रा और वित्तीय क्षेत्र में कैसे भारतीय आयामों को जगह देते हैं | हालांकि भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग की मजबूती और मजबूत आधार, अमेरिका के लिए वैश्विक प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों अहम साबित हो सकता है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन