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NASA बदलेगी Hubble दूरबीन को एक नयी $8.8 बिलियन वाली दूरबीन के साथ

1990 में, निचली कक्षा में स्थापित की गयी और अब तक प्रयोग हो रही Hubble अंतरिक्ष दूरबीन को अब, NASA एक और भी महंगी और उससे कई अधिक क्षमता वाली दूरबीन से बदलेगा।

NASA के प्रबंधक चार्ल्स बोल्डेन ने $8.8 बिलियन की दूरबीन का अनावरण किया, जिसका नाम James Webb Space Telescope (JWST) है और ये अंतरिक्ष को 13 बिलियन वर्षों पहले भी देखने की क्षमता रखती है। JWST में एक 21 फ़ुट लंबा, सोने का पानी चढ़ा शीशा है, जिसमें Hubble से सात गुणा अधिक प्रकाश एकत्रित करने की क्षमता और धूल के कणों के मध्य देखने के लिये, इंफ़्रारेड स्पेक्ट्रम को स्कैन करने की क्षमता है।

प्रोडक्ट वैज्ञानिक, जॉन मैथर के मुताबिक,

“हमने दो दशकों तक इनोवेशन व महनत करी, और इसका परिणाम यह है।”

दूरबीन में दूसरे ग्रहों पर उपस्थित चीज़ें दर्शाने की क्षमता है। मैथर के मुताबिक, इस दूरबीन के माध्यम से ये पता लगाया जा सकता है कि क्या किसी ग्रह पर समुद्र बनाने जितना पानी है या नहीं। दूरबीन में उपस्थ्त विशाल व चिकने शीशे की सहायता से, चांद पर भंवरे की खोज भी करी जा सकती है।

JWST, जो कि धरती के प्राणियों को दूसरे ग्रहों की जानकारी देगा, को ESA Ariane 5 रॉकेट से लांच किया जायेगी, जो कि इस समय विश्व का सबसे भरोसेमंद भारी लांच रॉकेट वाहन है। ये एक मिलियन मील की यात्रा को 30 दिनों में पूरा कर के दूसरे Lagrange पॉइंट पर जायेगा। NASA की दूरबीन, फिर रास्ते में ही अपना ऐंटीना, सनशील्ड, दोहरे शीशे और प्राथमिक शीशे के परों को स्थापित करेगी। पहली तस्वीरें किसी चमकीले सितारे या सितारे की फ़ील्ड की होंगी, जो कि अंततः प्रमाण होगा कि सभी कुछ सही तरीके से हो गया।

JWST को भेजने से पहले उसके अनेक परीक्षण होंगे, जिससे Hubble में आयीं दिक्कतें दोबारा नहीं आयें। लांच होने के बाद, दूरबीन की व्यवस्था में बदलाव लाना मुश्किल होगा, क्योंकि ये पृथवी की सतह से करीब एक मिलियन मील दूर होगा।

पहले तो ये सुनिश्चित करने को लिये कि क्या ये दूरबीन मज़बूत है, NASA वैज्ञानिक डिवाइस को हिलायोंगे और इसपर 150dB की ध्वनी ब्लास्ट करेंगे। दूरबीन को ऐसी ही कंडिशनों में रखा जायेगा, जैसा कि उसे विशाल Ariane 5 में उड़ान से पहले झेलना पड़ेगा।

ये बिलकुल वैसा ही है, कि आप एक बोतल पानी को अपना बैग में रखने से पहले उलटा कर के दस बार हिला लें, ये देखने के लिये कि वो बह तो नहीं रही।

विशाल NASA दूरबीन को फिर क्रायोजेनिक प्रयोगों के गुज़ारा जायेगा, जिससे ये पता चले कि क्या वो अंतरिक्ष के चरम तापमानों को सह पायेगी या नहीं।

और अंततः इसपर यह सुनिश्चित करने के लिये प्रयोग किये जायेंगे कि इसमें कोई Hubble जैसी ऑप्टिकल दिक्कतें नहीं हैं। बिलकुल वैसे, जैसे कि आप परीक्षा के एक दिन पहले मॉक टेस्ट दे रहे हैं, ताकि पिछली बार करी गयी ग़लती को आप दोहरायें नहीं।

James Webb मिशन को अक्टूबर 2018 के लिये सुनिश्चित किया गया है।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन