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Uber के विरुद्ध अपना स्थान बनाये रखने के लिये, वर्ष अंत तक Ola $600 मिलियन का निवेश जुटाने के विचार में

टैक्सी सेवाओं Uber और Ola के बीच के प्रतिद्वंद का कोई अंत नहीं है, जहां दोनों ही भारतीय ईकोसिस्टम में बड़ा हिस्सा प्राप्त करना चाहते हैं। Ola ने भले ही नये नोटिफ़िकेशन फ़ीचर ला दिये हों और BMW के साथ एक नयी डील करी हो, परंतु Bloomberg के मुताबिक, कंपनी अब अपने बटुए में $600 मिलियन और जोड़ने के विचार में है।

कंपनी बहुत समय से अमेरिकी कैब सेवा Uber के साथ, छूटों, नयी सेवाओं और चालक सेवा बढ़ाने हेतु प्रतिद्वंद में व्यस्त है। बाज़ार में अपना मुख्य स्थान बनाये रखने के लिये, कंपनी पिछले वर्ष दिसंबर के अपने $57.3 मिलियन के निवेश से और भी निवेशों की राह दिख रही है। तब से, चीन में Uber ने अपना व्यापार Didi के साथ अपना व्यापार जोड़ कर अपना पूरा ध्यान भारत कि ओर केंद्रित कर लिया है। उन्हें मलेशिया के पबलिक सेक्टर पेंशन फ़ंड, Kumpulan Wang Persaraan से भी हाल ही में करीब एक बिलियन का निवेश प्राप्त हुआ।

निवेश में पुराने व नये निवेशक हिस्सा लेंगे, जिनमें मुख्यतः SoftBank Corp. हैं, जो कि भारत में पुनः प्रवेश लेना चाहते हैं (प्रेज़िडेंट निकेश अरोड़ा की निकासी के बाद) और सत्र की अगुवाई करना भी। संभव है कि 2016 के अंत तक वार्ता पूरी हो जाये, जिससे भारतीय टैक्सी सेवा के पास इतना कैपिटल हो जायेगा कि वे आने वाले 18 महीनों तक कार्य करने और अपना स्थान बनाये रखने में सक्षम हो जायें। वार्ता अभी भी शुरवाती दौर में ही है, परंतु Ola के वैल्युएशन को आराम से $5 बिलियन के ऊपर ले जा सकती है, जो कम तो नहीं, परंतु Uber के $63 बिलियन के निकट भी नहीं।

मुद्दे के निकट विभिन्न लोगों ने तो यही बताया है कि Ola निवेश का प्रयोग नये चालक जुटाने और उन्हों लीज़ पर गाड़ियां उपलब्ध कराने के लिये कर सकती है। इस निवेश के साथ वे और भी दूसरे टियर के शहरों में प्रवेश कर के Uber पर अपनी लीड बरकरार रख सकते हैं।

$10 बिलियन के भारतीय टैक्सी बाज़ार में, ये निवेश Ola के लिये महत्वपूर्ण होगा। ये न केवल उनकी बढ़ंत को बनाये रखेगा, परंतु उन्हें विस्तार करने में भी सहायता करेगा। इस समय भारत के 102 शहरों में Ola की 4,50,000 टैक्सियां चल रही हैं, वहीं Uber की 3,50,000 टैक्सियां 28 शहरों में कार्य कर रही हैं।

“चीन से निकासी के बाद Uber की जेबें और भी गहरी हो गयी हैं, जहां उनके पैसे बहुत जाते थे, और अब वे पूरी तरह भारत पर ही केंद्रित रहेंगे।”

Valoriser Consultants में साझेदार, जसपाल सिंह ने कहा।

नया कैपिटल जुटाने के लिये, Ola ने General Motors के साथ भी शुरवाती वार्ता करी थी, परंतु उससे कोई परिणाम निकलना मुश्किल ही लगता है। Ola की अभिभावक कंपनी Ani Technologies को अभी तक आठ निवेश सत्रों में, Tiger Global, Accel Partners, SoftBank, Sequoia Capital, Didi Chuxing व अन्य से $1.23 बिलियन का निवेश प्राप्त हो चुका है।

कंपनी ने हाल ही में Mahindra and Mahindra के साथ किराये पर लेने की साझेदारी करी, जिसमें उनके चालकों को Mahindra कारों, फ़ाइनैंसिंग, बीमा व सेवाओं जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कंपनी ने हाल ही में ‘Ola Offline’ फ़ीचर भी निकाला है, जिसमें अगर उपभोक्ता इंटरनेट सेवा न प्रयोग कर पा रहे हों, तो वे SMS से अपनी डीटेल भेज कर Ola मंगा सकें।

Uber भारत भी दूर नहीं, जिन्हें संस्थापक व सी.ई.ओ. ट्रैविस कालानिक से एक बिलियन और रणनैतिक निवेश का वादा मिला है, जो कि भारत को “रणनैतिक प्रायॉरिटी” मानते हैं।” साथ ही, वे देश में बस व मिनी वैन की सेवाएं भी चलाना चाहते हैं। इसके बेंगलुरु से शुरू होगर वैश्विक प्रयास बनने की उम्मीद है, जिसको Uber Everything के नाम से भी जाना जाता है। Uber मिलियनों उपभोक्ता जुटाने के लिये, रेलवे स्टेशनों पर भी कैब बुकिंग किसोक स्थापित करने के विचार में हैं।

Ola की ऑफ़लाइन सेवा के उत्तर में, Uber ने अपनी नयी सेवा की घोषणा करी थी, जिसके प्रयोग से उपभोक्ता Uber की वेबसाइट से भी कैब मंगा सकेंगे। अत्यधिक कैश बहाने और सेवा विस्तृत करने के मध्य, भारतीय और विदेशी सेवाओं का ये प्रतिद्वंद बढ़ता ही जा रहा है। इसका परिणाम कोई नहीं जानता, क्या Ola, Uber के सामने घुटने टेकेगी, या फिर अमेरिकी कंपनी Ola के साथ मर्ज होकर वापस भीगी बिल्ली जैसी हो जायेगी।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन