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अब Grofers उपभोक्ता उनकी वेबसाइट से भी मंगा सकते हैं सामान

अपनी सेवाएं शुरू करने के तीन साल बाद, Grofers ने अपनी मात्र-ऐप्लिकेशन रणनीति को त्यागते हुए अंततः अपना वेब पोर्टल भी लांच किया। इस नयी वेबसाइट की सहायता से उपभोक्ता वेब से भी किराना ऑर्डर कर सकेंगे।

वेबसाइट का इंटरफ़ेस मोबाइल ऐप्लिकेशन जैसा ही है। ये उपभोक्ताओं को विविध श्रेणियों व दुकानों से किराना खरीदने की सुविधा उपलब्ध कराता है। कंपनी के मुताबिक, उपभोक्ता मांग पर उन्होंने वेबसाइट के लिये एक टीम बनायी।

इस कदम पर बयान देते हुए Grofers के सह संस्थापक अलबिंदर ढिंडसा ने कहा:

“जहां हमने स्मार्टफ़ोन उपभोक्ताओं को ध्यान में रख कर अपनी सेवा शुरू करी थी, हमने ये महसूस किया कि कई लोग ऐसे भी थे, जो हमारी सेवा तो पसंद करते थे, पर उन्हें वेब प्रयोग करना बहतर लगता था। कई लोग ऐसे भी थे जो हमारी सेवा इसलिये नहीं प्रयोग करते थे क्योंकि ये ऐप मात्र थी। हमें इससे संबंधित कई प्रश्न आये। तो, कुछ महीनों पहले हमने कुछ इंजीनियर एकत्रित किये, जिससे हम Grofers का अनुभव वेब पर भी ला सकें। इस प्रयास से हमारी ऑर्डर संख्या में भी इज़ाफ़ा होगा।”

शुरवात में, Grofers की वेबसाइट 10 शहरों में उपलब्ध होगी: अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-NCR, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई व पुणे। अगर ये पायलट सफल होता है तो उम्मीद है कि Grofers इस सेवा को दूसरे क्षेत्रों में भी लायेगा।

वेबसाइट का इंटरफ़ेस बहुत ही साफ़ है और उपभोक्ताओं को प्रोडक्ट की जानकारी पॉप अप के रूप में मिलती है। उपभोक्ता वज़न और गिनती के आधार पर सामान जोड़ सकते हैं। इस समय, ₹500 से कम के ऑर्डरों के लिये ये ₹19 डिलिवरी के लिये ले रहे हैं।

Grofers का दावा है कि उनके पास 120,000 से भी अधिक प्रोडक्ट हैं और वे देश के 17 शहरों व क्षेत्रों में डिलिवरी करते हैं: आगरा, अहमदाबाद, बैंगलोर, चेन्नई, चंडीगढ़, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, NCR, नागपुर, पुणे, सूरत और वडोदरा।

कंपनी का कहना है कि उनके उपभोक्ता मासिक रूप से चार गुणा बढ़ रहे हैं और iOS व ऐंड्रॉइड पर इनकी ऐप के कुल तीन मिलियन से भी अधिक डाउनलोड हुए हैं। संभावना है कि Grofers वेबसाइट इस संख्या को बढ़ायेगी ही।

Grofers और उनके संवर्ग के लिये बाज़ार की स्थिती

भारत में ऑनलाइन किराना सेगमेंट के लिये समय आसान नहीं रहा है और Grofers ने भी अपना बुरा वक्त देखा है। कंपनी ने ‘कार्यशीलता में धीमेपन’ का हवाला देते हुए कंपनी के करीब 10% कर्मचारियों को निष्कासित कर दिया।

इस वर्ष की शुरवात में उन्होंने 9 शहरों में अपना कार्य बंद किया। वहीं PepperTap ने $51 मिलियन का निवेश प्राप्त करने के बाद भी ऑपरेशन बंद किया और लॉजिस्टिक्स का रुख अपनाया; Flipkart ने Nearby बंद किया और Ola ने Ola Cafe व Ola Food बंद किया।

परंतु Grofers के असली प्रतिद्वंदी BigBasket हैं, जिनको छः महीने पहले ही $150 मिलियन का निवेश प्राप्त हुआ है। Grofers की वेबसाइट उन्हें पहली बार वाले या फिर कैज़ुअल उपभोक्ता लाकर देगी, जो कि ऐप्लिकेशन डाउनलोड करने से पहले किराना डिलिवरी सेवा को प्रयोग कर के देखना चाहते हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन