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भारत में 32 लाख से अधिक Debit cards की सुरक्षा को ख़तरा, सबसे बड़ा वित्तीय सुरक्षा उल्लंघन

वर्तमान में भारत को साइबर हमले की दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता का के सबसे भयानक स्वरूप,  ‘financial hack’ का सामना करना पड़ रहा है | कई रिपोर्टों के अनुसार, 30 लाख से अधिक (लगभग 3.2 मिलियन) डेबिट कार्ड की सुरक्षा पर ख़तरा मंडराने लगा है, जिसका कारण निजी बैंकों के एटीएम की जानकारी से की गई अनवांछित छेड़छाड़ है |

डेबिट कार्ड से जुड़े जानकरियों की सुरक्षा पर ख़तरा मंडराता देख, देशवासियों को अब संभावित वित्तीय धोखाधड़ी का डर सता रहा है | हालांकि बैंकों ने किसी भी तरह की मौद्रिक हानि न होने का दावा किया है, लेकिन कई लोगों (पीड़ितों) ने, चीन में कई स्थानों से उनके कार्ड के अनधिकृत उपयोग की सूचना दी है | इस उल्लंघन संबंधी घटना के, मई और जून के बीच घटित होने की सूचना प्राप्त हुई है |

इस बड़े पैमाने पर निजी बैंकों के एटीएम की सुरक्षा भंग होने का कारण, malware infection को बताया जा रहा है | टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस malware infection के Hitachi Payment Services सिस्टम में होने का संदेह जताया जा रहा है, जिसके द्वारा हैकर्स, कार्ड की समस्त जानकारियाँ हासिल कर, धन चोरी जैसी घटना को अंजाम दे सकतें हैं | Hitachi एटीएम सेवाएं प्रदान करने के साथ ही, point-of-sale(POS) और अन्य भुगतान सेवाएं भी मुहैया करवाता है |

इस मसले को गहराई से समझने की कोशिश करें तो, YES Bank के ATM में इस सुरक्षा उल्लंघन के होने की संभावना अधिक हैं, क्योंकि यह Hitachi द्वारा संचालित हैं | इस उल्लंघन की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यह पूरे सिस्टम को ही संक्रमित कर देती है, और इस तरह, किसी भी बैंक के डेबिट कार्ड की जानकारियाँ हासिल कर, उससे छेड़छाड़ की जा सकती है |

इस malware हमले के कारण, 2.6 मिलियन Visa और MasterCard कार्ड तथा 6 लाख RuPay कार्ड की जानकारियों और सुरक्षा को ख़तरा बताया जा रहा है | इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने यह भी कहा है कि इस हमले में State Bank of India, HDFC Bank, ICICI Bank, YES Bank और Axis Bank के एटीएम की सुरक्षा, “बुरी तरह” प्रभावित हुई है |

अब आप पूछेंगे कि बाकी सभी बैंकों के डेबिट कार्ड के साथ ऐसा क्यूँ हुआ ? तो यह इसलिए क्योंकि, जैसा की आप सब जानते हैं, acocunt/debit धारक अब किसी भी बैंक के एटीएम का उपयोग कर सकतें हैं | इसलिए, माना यह जा रहा है कि तीसरे पक्ष से लेनदेन के लिए, YES Bank के ATM का उपयोग करने वाले उपयोगकर्ता इस सुरक्षा उल्लंघन का शिकार हो सकतें हैं |

इस मामले की जानकारी रखने वाले, कुछ गुमनाम बैंकरों का कहना है,

“ एक निजी बैंक के डाटा प्रक्रियाओं में हुए सुरक्षा उल्लंघन के कारण, बाकी सभी बैंकों के उपयोगकर्ताओं को इसका सामना करना पड़ रहा है, और जिन्होंने उस बैंक का एटीएम उपयोग किया है, उनके शिकार बनने के आसार अधिक हैं ”

इन घटनाओं के मद्देनजर, Payments Council of India ने भारतीय बैंकों के सर्वर और प्रणालियों के फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है, ताकि इस मसले की जड़ का पता लग सके | इस मामले को और भी गंभीरता से इसलिए लिया जा रहा है, क्योंकि चीन में अनधिकृत लेनदेन की शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई है |

इस मसले पर टिप्पणी करते हुए एनपीसीआई के प्रबंध निदेशक, AP Hota कहते हैं,

“ चूँकि, संदिग्ध धोखाधड़ी लेनदेन सबसे अधिक Visa और MasterCard के नेटवर्क में हुआ है, इसलिए हमने, पूरे नेटवर्क की फॉरेंसिक ऑडिट करने का फ़ैसला किया है, ताकि यह पता लग सके कि कहाँ सुरक्षा से समझौता हुआ ”

सुरक्षा भंग होने वाले डेबिट कार्ड की कुल संख्या में, आधे से अधिक वह कार्ड हैं जो भारत में ही ज़ारी किए गये थें | इसलिए इसको भारत में हुए अभी तक के सबसे बड़े वित्तीय डेटा उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है | हालांकि बैंकों ने ग्राहकों को परेशान न होने की सलाह दी है और यह आश्वासन दिलाया है कि ग्राहकों के किसी भी तरह के वित्तीय नुकसान को कम करने की पूरी कोशिशें की जा रहीं हैं |

HDFC और SBI जैसे बैंकों ने सबसे पहले अपने ग्राहकों को इस उल्लंघन के बारे में सूचित करते हुए यह भी कहा कि अधिकतर तीसरे पक्ष के एटीएम को उपयोग करने वाले ग्राहक, अपने पिन तुरंत बदल लें | जहाँ एक तरह HDFC ने सिर्फ़ अपने एटीएम को सुरक्षित बताते हुए, उसे उपयोग करने की सलाह दी है, वहीं SBI, 600,000 डेबिट कार्ड को ब्लॉक कर, दुबारा नए कार्ड जारी करने का मन बना रही है |

जबकि सवालों के दायरे में आने वाले, Hitachi Payment Systems के MD, Loney Antony का कहना है,

“ मुझे नहीं लगता कि किसी को भी, बैंक कार्ड फिर से जारी करना जरुरी है “

वर्तमान में, Reserve Bank of India(RBI) अन्य बैंकों के साथ मिल कर इस मसले पर नज़र बनाये हुए है, और इसने, सभी ग्राहकों को निकट भविष्य में किसी भी नुकसान से बचने के लिए, उनके एटीएम डेबिट कार्ड का पिन, तुरंत बदलने का सुझाव दिया है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन