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राष्ट्रपति चुनाव के चलते, अमेरिका ने लगाया रूस पर DNC रिकॉर्ड की हैकिंग का आरोप

अमेरिका में  इस वक़्त राष्ट्रपति चुनाव का माहौल जोरों पर है, और ऐसे में हाल ही में, वर्तमान ओबामा प्रशासन के नेतृत्व वाली सरकार ने आधिकारिक तौर में रूस पर देश के मामलों में अप्रत्याशित दखल देनें का आरोप लगाया है |

सरकार ने एक औपचारिक बयान में कहा है कि वरिष्ठ रूसी अधिकारियों ने हाल ही में डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय समिति और अन्य खुफिया एजेंसियों के कंप्यूटर की हैकिंग के आदेश दिए थे | हालांकि मास्को द्वारा आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें निराधार बताया गया है |

यह मामला तब प्रकाश में आया जब, हैकर्स द्वारा डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय समिति और डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति की वेबसाइटों पर हैकिंग जैसे  साइबर हमले को अंजाम दिए जाने की पुष्टि हुई | स्थिति तब बिगड़ी जब, उन्होंने कई निजी और शर्मनाक ईमेल को इंटरनेट पर सार्वजनिक कर दिया |

प्रशासन और सांसदों के बढ़ते दबाव के कारण, यह दावा ‘डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी’ और ‘डायरेक्टर ऑफ़ नेशनल सिक्योरिटी’ के एक संयुक्त वक्तव्य में किया गया | वह सब सरकारी एजेंसियों द्वारा उस देश के नाम को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे, जो आगामी चुनावों में अप्रत्याशित दखल से जुड़ी, इन निदनीय घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार है |  इन लीक के चलते DNC अध्यक्ष, Wasserman Schultz ने अपना इस्तीफ़ा भी दे दिया |

दोनों एजेंसियों ने अपने संयुक्त बयान में कहा,

“ अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को यह विश्वाश है कि अमेरिकी व्यक्तियों, संस्थाओं और यहाँ तक की राजनीतिक संगठनों से जुड़े ई-मेल के लीक होने के पीछे रूसी सरकार का हाथ है, और यह सब अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के इरादे से किया जा रहा है,

हम मानतें हैं कि केवल रूस के सबसे वरिष्ठ अधिकारी ही इतने संवेदनशील प्रयासों के लिए किसी को अधिकृत कर सकतें हैं,”

ओबामा सरकार पहले तो औपचारिक रूप से हैक के लिए किसी विशेष देश का नाम लेने से बचती नज़र आ रही थी, लेकिन बढ़ते दबाव के कारण, सरकार ने मास्को की तरफ़ उंगली उठाते हुए, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ़ इशारा किया | उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा रूस के द्वारा पहली बार ही नहीं किया गया है बल्कि यूरोप और यूरेशिया में भी, जनता की राय को प्रभावित करने के लिए रूस ऐसा कर चुका है |

होमलैंड सुरक्षा समिति के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि इस दिशा में सरकार का यह पहला क़दम है और इसके साथ ही जल्द ही हम हैकिंग से जुड़े फोरेंसिक सबूत भी सबके सामने लायेंगें ताकि रूस पर लगाये गए आरोपों को और भी पुख्ता किया जा सके |

होमलैंड सुरक्षा समिति के एक सदस्य, Ben Sasse ने कहा,

“ रूस को इसके गंभीर परिणाम का सामना करना पड़ेगा, मास्को ने ऐसा करवाया क्यूंकि पुतिन का मानना है कि सोवियत शैली आक्रामकता इन आयामों के लिए सही है, संयुक्त राज्य अमेरिका, पुतिन की इस हरकत का, एक मजबूत कूटनीतिक, राजनीतिक, आर्थिक और साइबर प्रतिक्रिया के तौर पर विरोध करेगा ”

वहीं पुतिन के प्रेस सचिव, Dmitry Peskov ने यह कह कर अमेरिकी प्रशासन को ग़लत ठहराया कि,

“ यह एक प्रकार की बकवास है, हर दिन, पुतिन की साइट हैकर्स के हजारों हमलों का शिकार होती है, और इन हमलों में कई अमेरिकी क्षेत्रों का हाथ नज़र आया है, परंतु हमने कभी भी व्हाइट हाउस की प्रतिष्ठा पर सवाल नहीं उठाया ”  

इन लीक के जरिये यह उम्मीद जताई जा रही है कि मास्को, ट्रम्प को अगले राष्ट्रपति के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा है | ऐसे कयास इसलिए भी लगाये जा रहें हैं क्यूंकि इन लीक का अप्रत्यक्ष रूप से फ़ायदा ट्रम्प को मिलता नज़र आता है और ट्रम्प भी कई दफ़े पुतिन की कई नीतियों का समर्थन करते नज़र आयें हैं |

लेकिन, ओबामा सरकार ने आंतरिक कलह और बहस के बाद अंत में, कथित तौर पर सही क़दम उठाते हुए, इन साइबर हमलों की तरफ गंभीरता दिखाई है | हालांकि बयान के अलावा, रूसी मोर्चे की तरफ़ से कोई भी स्पष्टीकरण नहीं आया है | लेकिन नवंबर में होने वाले आगामी चुनावों के चलते, अमेरिकी सरकार ऐसे किसी दूसरे हमले से डर रही है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन