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US न्यायालय ने किया Apple की Samsung पर $120 मिलियन की जीत को पुनः स्थापित

Apple की एक बड़ी जीत में, US के संघीय याचिका न्यायलय ने उनकी उनके प्रतिद्वंदियों Samsung के ऊपर $120 मिलियन की जीत को पुनः स्थापित कर दिया है। दक्षिण कोरियाई कंपनी के पास अब मात्र और बड़े न्यायालयों में इस निर्णय के विरुद्ध याचिका दायर करने का विकल्प बचा है।

इस केस की शुरवात 2012 में हुई थी, जब दोनों ही कंपनियों ने एक दूसरे पर अपने कुछ प्रचलित फ़ोनों व टैबों के फ़ीचर कॉपी करने का आरोप लगाया था। इस केस में मुख्यतः iPhone 5 की बात थी, जो कि सितंबर 2012 में लांच हुआ था और Samsung को Galaxy S3 की, जो कि 2012 में ही लांच हुआ था।

अगर आप असमंजस में हैं तो हम आपको बता दें कि इस केस में दोनों फ़ोनों के कुछ प्रचलित फ़ीचरों पर बात हुई थी, जो कि सभी Apple व Samsung फ़ोनों पर उपलब्ध हैं। इन फ़ीचरों में स्लाइड-टू-अनलॉक, स्वतःसुधार और क्विक लिंक्स जैसे फ़ीचर शामिल हैं, जो कि दोनों कंपनियों के अनुसार उनके द्वारा बनाये गये फ़ीचर हैं।

इस केस में न्यायालय सच ही निर्णय नहीं लो पा रहे थे। परंतु 2014 में, न्यायालयों ने Apple के पक्ष में निर्णय लिया था और उन्हें मुआवज़ा उपलब्ध कराये जाने की बात कही थी। परंतु फ़रवरी में न्यायलय ने निर्णय दूसरे पक्ष में ले लिया। सीधे आते हैं शुक्रवार पर, जब न्यायालय ने 8 बनाम 3 के मतों से Apple के पक्ष में निर्णय लिया और Samsung को उन्हें पेटेंट खंडित करने के जुर्म में करीब $120 मिलियन का मुआवज़ा उपलब्ध करवाने का आदेश दिया।

बहरहाल, Apple से न्यायलय में टक्कर लेने में दक्षिण कोरिया की इस कंपनी को बहुत लाभ नहीं हुआ है। पिछली दिसंबर ही, एक दूसरे पेटेंट युद्ध में Samsung फिर Apple से हारी थी और अभी उन्हें उस मुकद्दमे के $548.2 मिलियन का मुआवज़ा Apple को उपलब्ध कराना है। अभी तक उन्होंने ये राशि भी नहीं दीहै और इस उम्मीद में हैं कि उच्चतम न्यायलय इस निर्णय को भी पलट देगा।

हम उम्मीद कर सकते हैं कि $120 मिलियन देने से बचने के लिये Samsung फिर ऐसा ही कोई हथकंडा अपनाये, परंतु उनका ट्रैक रिकॉर्ड देखते हुए, हम Samsung पर भरोसा नहीं करेंगे। बहरहाल, हम उम्मीद कर सकते हैं कि ये मुद्दा आगे तक चलेगा, जब तक एक कंपनी दूसरी कंपनी को परेशान न कर दे। पेटेंट के केस आम तौर पर लंबे व गंदगी भरे होते हैं और लगता है कि ये कुछ विविध नहीं होगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन