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ख़बरों के अनुसार, FreeCharge में निवेश करने का मन बना रहा है SoftBank

जापान की तकनीकी विशालकाय कंपनी, SoftBank Group ने पिछले कुछ सालों से भारत में स्टार्टअप के वातावरण को भरपूर बढ़ावा दिया है | पूर्व कार्यकारी सदस्य, निकेश अरोड़ा के नेतृत्व में, कंपनी ने एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण के चलते, भारत में अत्यधिक निवेश किया है और इसके निवेशों का लाभ उठाने वालो की सूची में Ola, Snapdeal और hike सहित कई नाम शुमार हैं |

भारत के साथ अपने सहयोग को जारी रखते हुए, SoftBank अब कथित तौर पर, कुणाल शाह द्वारा शुरू की गई डिजिटल वालेट सेवा ‘FreeCharge’ में निवेश करने का मन बना रहा है | यह सूचना सर्वप्रथम ETTech के जरिये हासिल हुई है |

रिपोर्ट के अनुसार, SoftBank अब अन्य निवेशकों के साथ मिलकर इस स्टार्टअप में तक़रीबन $150-$200 मिलियन तक का निवेश कर सकता है | यह निवेश को हासिल करने के साथ ही अब इस स्टार्टअप का कुल मूल्यांकन $1 बिलियन तक पहुँच सकता है, जो की आज के स्टार्टअप्स के दौर में एक बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज़ किया जाएगा |

इस विकास के बारे में जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान इस वक़्त उसके मूल्यांकन को बढ़ाने में है |उन्होंने यह भी कहा कि संभावित है कि निवेशकों द्वारा FreeCharge के 15-25% तक stakes ख़रीदे जाए |

भारत में SoftBank ने अब तक ऑनलाइन खुदरा बिक्री बाज़ार, Snapdeal में $627 मिलियन और ऑनलाइन टैक्सी सर्विस प्रदाता, Ola में $210 मिलियन तक का निवेश किया है |

FreeCharge जो बिलों के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान करता है, अब रेस्तरां और खुदरा दुकानों पर ऑफ़लाइन भुगतान की सेवा देने के लिए पुरज़ोर कोशिशें कर रहा है | इसी के साथ ही अब कंपनी का लक्ष्य 20000 करोड़ रुपये तक के, 70 लाख दैनिक लेनदेन का है |

कंपनी की शुरुआत, 2010 में कुणाल शाह और संदीप टंडन के द्वारा, मोबाइल रिचार्ज के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल के रूप में हुई थी | समय के साथ ही कंपनी ने रिचार्ज पोर्टल से परे भी वृद्धि की और बाद में वर्ष 2015 में Snapdeal द्वारा इसका अधिग्रहण कर लिया गया | 

चीन में ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी Alibaba द्वारा समर्थित, Paytm को FreeCharge के सबसे बड़े प्रतियोगी के रूप में देखा जाता है | Paytm जो वर्तमान में भारत के डिजिटल वॉलेट बाजार में अग्रणी है,जल्द ही अपना भुगतान बैंक शुरू करने जा रहा है और हाल ही में निवेश हासिल करने के बाद, इस कंपनी का मूल्यांकन करीब $4.8 बिलियन का हो गया है |

इस क्षेत्र के अन्य खिलाड़ियों जैसे MobiKwik, Oxigen Wallet आदि ने भी कई उपब्धियाँ हासिल कीं हैं | हाल ही में Mobikwik ने जहाँ $40 मिलियन का निवेश अर्जित किया है, वहीं एक होनहार भुगतान सेवा प्रदाता, Citrus Pay का PayU ने $130 मिलियन देकर अधिग्रहण किया है |

Boston Consulting Group के अध्ययन के मुताबिक,भारत में डिजिटल भुगतान का बाज़ार, 2020 तक $500 बिलियन तक पहुँच सकता है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन