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अंतरिक्ष के एक सुनहरे अध्याय का अंत, 12 साल के बाद, Rosetta हुआ सेवानिवृत्त

विदाई के अंतिम क्षण में, पिछले दो साल से धूमकेतु के चक्कर लगा रहा Rosetta अंतरिक्ष यान अपने द्वारा कुछ अंतिम चित्रों को भेज रहा है | यह अंतरिक्ष यान अब एस्टेरोइड पर उतर चुका है, और शायद निकट भविष्य में वहीं रहे |

अगर आप इस मामले से अनजान हैं तो आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि Rosetta अंतरिक्ष यान, मार्च 2004 में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा बनाया गया था | इसका मुख्य उद्देश्य Churyumov धूमकेतु के विस्तृत अध्ययन का था, जिसको इसने बखूबी अंजाम दिया है |

उपग्रह ने अपने जीवन काल का एक बड़ा हिस्सा इस धूमकेतु के साथ यात्रा करके बिताया है और समय समय पर इसके कई महत्वपूर्ण चित्र भी मुहैया करवाएं हैं, और अंततः अपने लॉन्च के 10 साल बाद यह 6, अगस्त 2014 को Churyumov–Gerasimenko में पहुँचने में सफल रहा था |

Churyumov–Gerasimenko हमेशा से ही ख़ोज के नज़रिए से एक दिलचस्प एस्टेरोइड रहा है | यह वास्तव में बृहस्पति-परिवार का एक धूमकेतु है और इसकी 6.45 साल की कक्षीय अवधि है | बड़े आकाशीय पिंडों की तरह, यह भी अपनी धुरी पर घूर्णन करता रहता है और इसकी अवधि 12.4 घंटे की है | धूमकेतु की अधिकतम गति 135,000 किमी / घंटा है |

इस धूमकेतु ने अपने लंबे दशक की यात्रा में बहुत सी खासियतें दर्ज़ कीं हैं |

Rosetta एक धूमकेतु के नाभिक की कक्षा में घुमने वाला और आंतरिक सौर प्रणाली की ओर धूमकेतु के साथ उड़ान भरने वाला पहला अंतरिक्ष यान है | यह एक जमे हुए धूमकेतु में सूर्य की गर्मी से आ रहे बदलावों का निकटता से अध्ययन करने वाला भी, अपनी किस्म का पहला अंतरिक्ष यान है | 67P में अपने आगमन के बाद, Rosetta ने धूमकेतु के नाभिक पर पहली नियंत्रित पहुँच के लिए Philae लैंडर भेजा था |

Rosetta के जीवन काल को पूरा होता देख इसको धूमकेतु पर उतारने का निर्णय लिया गया है | हालांकि यह अंतरिक्ष यान इस उद्देश्य के लिए उपयुक्त साधनों से सुसज्जित नहीं किया गया था | फिर भी उचित योजनाओं का उपयोग करके ऐसा करने का सोचा गया |

और जब अंततः इसने ऐसा कर लिया है और अपने अंतिम क्षण की कुछ यादगार तस्वीरें भी भेजी हैं, तो ऐसे वक़्त में एक बार इस यान की सराहना करना जायज़ ही कहा जाएगा |

इस विषय पर बोलते हुए, ईएसए के महानिदेशक Johann-Dietrich Wörner ने कहा,

Rosetta ने एक बार फिर से इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज़ करवा लिया है | आज हम इसके कामयाब मिशन का जश्न मनायेंगे, जिसने हमारे सभी सपने और उम्मीदों को पूरा किया हैं और ईएसए की विश्वसनीयता को बनाये रखा है

मिशन प्रबंधक पैट्रिक मार्टिन ने कहा,

 धूमकेतु की सतह पर Rosetta को उतारने के साथ हमने वैज्ञानिक सीमाओं को नया आयाम दिया है और ऐसा कुछ बहुत ही कम देखने को मिलता है

इस यान के माध्यम से हम धूमकेतु के नाभिक, उसके आसपास के वातावरण, दो धूमकेतु के बीच एक टकराव जैसी कई घटनाओं का अध्यन कर सकें हैं और इससे जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़ो को भी इक्कठा किया है |

इस बीच, Rosetta की विदाई इतिहास में सुनहरे शब्दों में लिखीं जाएगी | इस यान द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों का अभी सालों साल अध्यन होगा और इसके माध्यम से ग्रह पर जीवन के प्रारम्भ से सम्बंधित कई घटनाओं पर विचार किया जा सकेगा |

आप विषय के बारे में अधिक जानकारी और चित्र, इस लिंक पर क्लिक करके प्राप्त कर सकते हैं |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन