ई-कॉमर्स खबर स्टार्टअप्स

शिक्षा सम्बंधित ई-वाणिज्य प्लेटफ़ॉर्म, Fastudent में निवेश के ‘प्री-सीरीज़ A’ चरण का अंत

पिछले कुछ सालों से शिक्षा, प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए एक प्राथमिक विषय बन कर उभरी है | इससे जुड़े कई स्टार्टअप्स को इस साल निवेशकों से बढ़ावा भी मिला है और इसी खेमे में एक और स्टार्टअप अपने क़दम ज़माने लगा है | Fastudent नामक यह स्टार्टअप, शिक्षा से संबंधित सामानों के लिए एक ई-वाणिज्य मंच प्रदान करने का कार्य करता है और आज इसने अपने निवेश सम्बंधित प्री-सीरीज़ A दौर के खत्म होने की घोषणा की |

कंपनी ने इस दौर के वित्तीय निवेश संबंधित जानकारियों को गोपनीय रखा है, हालांकि, कंपनी ने निवेशकों के नामों का खुलासा किया है | निवेशकों में कंवलजीत सिंह (संस्थापक, फायरसाइड वेंचर्स), अजय लखोटिया (पूर्व निदेशक वर्टेक्स वेंचर्स), पवन ओंगोल (पूर्व निदेशक, सॉफ्टबैंक) और आशीष गुप्ता (ट्रस्टी अशोक विश्वविद्यालय) शामिल हैं |

निवेश पर टिप्पणी करते हुए कंवलजीत सिंह ने कहा,

ई-कॉमर्स स्टार्टअप, Fastudent ने शिक्षा संबंधी सामानों की आपूर्ति की शुरुआत कर, एक बड़े उपभोक्ता वर्ग की जरूरत को समझा है, यह युवा और गतिशील टीम अपने दर्शकों के लिए एक बेहद व्यक्तिगत ब्रांड अनुभव के तौर पर शिक्षा क्षेत्र में सेवा प्रदान करने जा रही है और इसके पहले शायद ही ऐसी किसी सेवा का आगमन बाज़ार में हुआ है

गौरव बर्मन और गीतांजलि खन्ना ने मिलकर, 2013 में Fastudent की शुरुआत की थी | यह भारत में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संबंधी अंतरराष्ट्रीय उत्पाद प्रदान करता है | यह मंच ऐसे भी शैक्षिक उत्पादों को मुहैया करवाता है जो छात्रों, अभिभावकों, स्कूलों और शिक्षकों को स्नातक स्तर तक की पढ़ाई में मदद का काम कर सकें |

कंपनी ने दावा किया है कि वर्तमान में सिर्फ एनसीआर क्षेत्र में उसके पास ग्राहकों के रूप में 200 संस्थान हैं और इसी के साथ, यह निकट भविष्य में और 1000 संस्थानों को जोड़ने की उम्मीद कर रहा है |

कंपनी के विस्तार की योजनाओं पर टिप्पणी करते हुए Fastudent की सह संस्थापक, गीतांजलि खन्ना ने कहा,

हमारे मॉडल को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्कूलों द्वारा सफलतापूर्वक स्वीकार किया गया है, हम 2017 तक बेंगलूर, पुणे और मुंबई जैसे जगहों में निजी स्कूलों के लिए विस्तार की योजना भी बना रहें हैं

हमने कई एशियाई देशों जैसे जापान, सिंगापुर और चीन में भी 2018 तक अपने विस्तार की योजना बनाई है और चीन में, कॉलेजों के लिए एक डिलीवरी सेवा मॉडल प्रदान करने वाली 8dol.com जैसी कंपनियों की स्वीकृति से हमें और अधिक प्रोत्साहन मिला है और इससे दुनिया में ऐसी सेवाओं की जरूरतों का भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है

 

इससे पहले, पिछले साल नवंबर में, कंपनी ने सीड निवेश के दौर में एक अज्ञात राशि हासिल की थी, जिसका नेतृत्व अशोक विश्वविद्यालय के संस्थापक और ट्रस्टी, आशीष गुप्ता ने किया था |

जब कई शिक्षा संबंधी स्टार्टअप निवेश के रूप में धन हासिल करने में सफल हुए हैं, ऐसे में बहुत कम ही ऐसे स्टार्टअप हैं जो धन प्राप्त कर सफ़लता हासिल कर सकें हैं |

स्केलिंग समस्या से जूझ रहा शिक्षा संबंधी स्टार्टअप, EduKart हाल ही में बंद हो गया है और उनकी लगभग 50 लोगों की टीम, पेटीएम द्वारा अवशोषित कर ली गई है |

नई तकनीकों और विचारों के समायोजन को तलाशता मुसाफ़िर, जिसका मानना है कि उद्यमशीलता और प्रोद्योगिकी मिलकर ही विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करतीं हैं |

Add Comment

Click here to post a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन