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RazorPay ने अपने मंच पर UPI भुगतान ग्रहण करना शुरू किया

RazorPay, एक ऑनलाइन भुगतान मंच ने आज घोषणा करी कि वे अपने मंच पर UPI भुगतान की सुविधा उपलब्ध करायेंगे। अब ये इंटरनेट बैंकिंग, वर्चुअल वॉलेट, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के अलावा UPI भुगतान भी ग्रहण करेंगे।

जो इससे अंजान हैं, उन्हें हम बता दें कि युनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस या UPI हाल ही में NPCI और RBI द्वार लांच किया गया एक भुगतान इंटरफ़ेस है। ये अन्य भुगतान के तरीकों से अलग है, क्योंकि ये पहला ऐसा मंच है जो मोबाइल को आगे रखता है और दूसरे फ़ैक्टर के लिये MPIN का प्रयोग करता है। मोबाइल पिन के प्रचलित होने के साथ, उम्मीद करी जा रही है कि UPI भारत में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान का मूल बन जायेगा।

इस नये बदलाव पर बयान देते हुए कंपनी ने कहा:

“ये मर्चेंट की तरफ़ से पहला इतना बड़ा रोल आउट है और उपभोक्ताओं को UPI भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये उन्हें किसी विशेष कोड की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आज से UPI से भुगतान प्राप्त करने की सुविधा सभी Razorpay के मर्चेंटों को उपलब्ध होगी।”

Razorpay के सी.ई.ओ. व सह संस्थापक हर्षिल माथुर ने कहा:

“मोबाइल और बैंक अकाउंट वाला कोई भी व्यक्ति UPI का लाभ लेकर पैसे ऑनलाइन ट्रांज़ैक्ट कर सकता है। ये ऑनलाइन कॉमर्स के लिये बहुत बड़ा बदलाव है, क्योंकि UPI मर्चेंटों को ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट कम करने और चेक आउट और तेज़ करने की सुविधा उपलब्ध करायेगा।

हमारी बहतरीन तकनीक के चलते, हमारा मंच ये सुविधा सभी मर्चेंटों को उपलब्ध करा देगा। UPI उपलब्ध कराने के लिये मर्चेंटों को अलग से कोड नहीं लिखना पड़ेगा।”

UPI पर हर उपभोक्ता के पास वर्चुअल निजी पते (VPA) के रूप में एक अलग पहचान कराने वाला अंक है। ये उनके बैंक अकाउंट के रूप जैसा ही है। तो आपको अपनी बैंक अकाउंट संख्या और IFSC को देने की जगह मात्र अपना VPA देना होगा। उपभोक्ता को अपना MPIN डाल कर मात्र भुगतान का आवेदन स्वीकार करना होगा और भुगतान पूरा हो जायेगा।

2014 में हर्षिल माथुर और शशांक कुमार द्वारा स्थापित Razorpay को MasterCard, Tiger Global Management और Matrix Partners से निवेश प्राप्त है। ये Videocon, Nykaa, Zerodha, NestAway, Udacity, और Chai Point समेत 10,000 अन्य मर्चेंटों को भुगतान सुविधा उपलब्ध कराते हैं।

इधर बीच, वित्त तकनीक क्षेत्र में बहुत से बदलाव आ रहे हैं। हाल ही में, PayU ने एक भुगतान गेटवे उपाय उपलब्ध कराने वाले मंच CitrusPay को $130 मिलियन में अधिग्रहित किया। इस क्षेत्र में ये अब तक की सबसे बड़ी डील है। Ken Research Pvt. Ltd. की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 तक भारतीय भुगतान बाज़ार ₹8,172 बिलियन का हो जायेगा।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन