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Amazon ने भारत मैं लांच करी अपनी वैश्विक फैशन ब्रांड, ‘Symbol’

मंच पर अपने फ़ैशन और कपड़े श्रेणियों में बिक्री बढ़ाने हेतु, Amazon ने अपना निजी फ़ैशन लेबल लांच किया, जिसका नाम है ‘Symbol’। इस निजी लेबल को Cloudtail India Pvt. Ltd. ने लांच किया, जो कि इस समय Amazon के सबसे बड़े विक्रेता हैं।

Cloudtail दरसल Amazon एशिया और Infosys Ltd. के संस्थापक नारायण मूर्ती के Catamaran Ventures का संयुक्त वेंचर है। उम्मीद की जा रही है कि वर्ष के अंत तक Cloudtail अपने और भी फ़ैशन ब्रांड लांच करेगा। Amazon इस समय AmazonBasics ब्रांड के अंतर्गत Cloudtail के ज़रिये हेडफ़ोन, चार्जिंग केबल, बैग व कुछ अन्य ऐक्सेसरी भी उपलब्ध कराता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष के अंत तक वे छः निजी लेबल लांच करने के विचार में हैं। इस समय भारतीय बाज़ार में कड़ा प्रतिद्वंद है और उपभोक्ता जुटाने का दाम भी कम नहीं है। क्योंकि देश में ऑनलाइन बाज़ार पर बिकने वाले सामानों में फ़ैशन व कपड़े दूसरी सबसे बड़ी श्रेणी हैं, निजी लेबल का लांच करना एक बहुत ही अच्छा निर्णय है।

निजी लेबलों का ध्यान रखने और उन्हें फ़ैशन बाज़ार में आगे बढ़ाने के लिये कंपनी ने पूर्व Myntra अधिकारी गोपाल कोटमराजू को नियुक्त किया है। कोटमराजू की अगुवाई में, Myntra को निजी लेबलों, जैसे कि Roadster, Mast & Harbor से बहुत लाभ हुआ, जो कि अब इनकी 25% बिक्री के लिये ज़िम्मेदार बन गये हैं।

निजी लेबल Amazon की बिक्री पर ज़रूर प्रभाव डालेंगे और Flipkart से आगे निकलने की इनकी होड़ में से बहुत सहायक भी होंगे। Flipkart इस समय देश के दो सबसे बड़े ऑनलाइन फ़ैशन रीटेलरों, Myntra और Jabong का मालिक है।

2020 तक फ़ैशन व लाइफ़स्टाइल ऑनलाइन रीटेल में सबसे बड़ी श्रेणी बन जायेगी। Google Inc. व AT Kearney के मुताबिक, ये अभी भी मार्जिन के मामले में किताबों और इलेक्ट्रॉनिक्स से आगे हैं। और तो और, किसी तीसरे ब्रांड की जगह, निजी ब्रांड कंपनियों को और मोटा मार्जिन देते हैं, और उन्हें उपभोक्ता जोड़े रखने में भी सहायता देते हैं।

बाज़ार लीडर बनने के लिये पहले जेफ़ बेज़ोस ने कंपनी के भारतीय अंग में $2 बिलियन का निवेश किया था। फिर उन्होंने इसमें $3 बिलियन और लगाने का निर्णय लिया, जिसके बाद इस निवेश की कुल राशि $5 बिलियन हो जाती है। 2015 में Amazon Seller Service की स्थापना से उन्हें पहले ही ₹8,618 करोड़ और ₹9,600 करोड़ प्राप्त हो चुके हैं।

वे वर्ष के अंत तक देश के राज्यों में करीब 27 फ़ुलफ़िलमेंट केंद्र खोलना चाहते हैं, जिसमें 7.5 मिलियन क्यूबिक फ़ीट की स्टोरेज क्षमता हो और वे करीब 2.5 मिलियन स्क्वेयर फ़ीट का क्षेत्र कवर करें। इस समय छोटे स्टोरों के ज़रिये आखिरी मील डिलिवरी पूरी करने के लिये इनके पास 50 शहरों में 12,500 IHS हैं।

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यह साफ़ तरह से स्पष्ट हो गया है, की प्रौद्योगिकी विकास हमारी मानवता को पार कर चुका है |
अल्बर्ट आइंस्टीन